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दुनिया

जर्मनी में नए राष्ट्रपति का चुनाव

जर्मनी में नए राष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है. पूर्व विदेश मंत्री फ्रांक वाल्टर स्टाइनमायर सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार हैं. उन्हें निर्वाचन सभा में भारी समर्थन प्राप्त है.


रविवार को यदि आप बर्लिन में संसद भवन के सामने फुटबॉल ट्रेनर योआखिम लोएव, अभिनेत्री इरिस बैर्बेन और कॉमेडियन हापे कैकर्लिंग को देखकर सोचें कि वे संसद भवन के सामने क्या कर रहे हैं तो परेशान न हों. वे राष्ट्रपति को चुनने वाली निर्वाचन मंडल के सदस्य हैं जो रविवार को जर्मनी का नया राष्ट्रपति चुन रही है.

पार्टी प्रतिनिधि और प्रमुख नागरिक

जर्मनी के निर्वाचन मंडल में कुल 1,260 सदस्य हैं. इसमें संसद के निचले सदन बुंडेसटाग के सभी 630 सदस्य शामिल हैं. इतनी ही संख्या में जर्मनी के प्रांत भी अपने प्रतिनिधि निर्वाचक मंडल में भेजते हैं. इसलिए निर्वाचक मंडल में बुंडेसटाग से बाहर की पार्टियों के भी प्रतिनिधि होते हैं. इस समय एफडीपी, एएफडी और पाइरेट पार्टियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं जो संसद में तो नहीं हैं लेकिन प्रांतीय विधान सभाओं में जरूर हैं.

विधान सभा में मौजूद पार्टियों ने जिन प्रतिनिधियों को चुना है उनमें विधायकों के अलावा कुछ प्रमुख नागरिक भी शामिल हैं. चांसलर अंगेला मैर्केल की सीडीयू ने कॉमेडियन हारे कैकर्लिंग और अभिनेत्री वेरोनिका फेरेस को भेजा है तो इरिस बैर्बेन और गायक पेटर माफाय एसपीडी की ओर से भेजे गये हैं. ग्रीन पार्टी ने संघीय फुटबॉल ट्रेनर योआखिम लोएव को भेजा है तो लेफ्ट पार्टी ने सेनिया सिमसेक डेमिरतास को, जिनके पिता की आतंकी सेल एनएसयू ने हत्या कर दी थी.

चुनाव के लिए संसद के केंद्रीय हॉल में तब्दीली लाई गई है ताकि सारे लोग हॉल में बैठ सकें. संसद प्रमुख नॉर्बर्ट लामर्ट 12 बजे निर्वाचन मंडल की सभा का उद्घाटन करेंगे. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रपति का चुनाव बिना किसी भाषण के होता है. न तो उम्मीदवार भाषण देता है और न ही निर्वाचक मंडल के सदस्य. वे अपना नाम पुकारे जाने के बाद गुप्त मतदान करते हैं. मतों की गिनती के बाद निर्वाचित राष्ट्रपति छोटा सा भाषण देता है.

सहमति के उम्मीदवार

निर्वाचन के पहले चरण के बाद जिसमें करीब दो घंटे लगते हैं, वोटों की गिनती होती है. यदि किसी उम्मीदवार को 631 मत मिल जाएं तो उसे निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है और चुनाव पूरा हो जाता है. पूरी संभावना है कि फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर को पहले ही चरण में राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा क्योंकि देश के सबसे लोकप्रिय राजनीतिज्ञ को निर्वाचन मंडल में व्यापक समर्थन है. अतीत में कई राष्ट्रपतियों का चुनाव दूसरे या तीसरे चरण में हुआ है.

61 वर्षीय श्टाइनमायर का समर्थन सिर्फ उनकी एसपीडी पार्टी ही नहीं कर रही है बल्कि गठबंधन सरकार में शामिल सीडीयू और सीएसयू पार्टियों ने भी एसपीडी के प्रस्ताव का समर्थन किया है. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने स्वीकार किया था कि वे इस समय सबसे सही उम्मीदवार हैं. उन्होंने श्टाइनमायर की संतुलन की क्षमता, जमीनी जुड़ाव और दुनिया की जानकारी की तारीफ की.

श्टाइनमायर इस पर भरोसा कर सकते हैं कि एसपीडी, सीडीयू और सीएसयू के निर्वाचक मंडल सदस्यों का वोट ही उनके जीतने के लिए काफी होगा. इन तीन पार्टियों के निर्वाचक मंडल में कुल 900 सदस्य हैं. इसके अलावा ग्रीन पार्टी के 147 प्रतिनिधि भी श्टाइनमायर का समर्थन करेंगे. एफडीपी ने भी श्टाइनमायर का समर्थन करने की घोषणा की है.

अन्य चार उम्मीदवार

श्टाइनमायर के अलावा मैदान में चार उम्मीदवार और हैं, जिन्हें एएफडी, लेफ्ट पार्टी डी लिंके, पाइरेट्स और फ्री वोटर्स ने खड़ा किया है. लेफ्ट पार्टी ने कोलोन के राजनीतिशास्त्री और गरीबी विशेषज्ञ क्रिस्टॉफ बुटवेगे को दौड़ में भेजा है तो निर्वाचक मंडल में पहली बार शामिल एएफडी ने 75 वर्षीय अपने उपाध्यक्ष अलब्रेष्ट ग्लाजर को खड़ा किया है. फ्री वोटर्स ने कानूनविद् अलेक्जांडर होल्ड को चुनाव लड़ाया है. होल्ड ने अपनी निश्चित हार के बावजूद कहा है कि लोकतंत्र विकल्पों के सहारे जीता है.

निर्वाचक मंडल की बैठक से कुछ ही पहले पाइरेट्स ने अपने उम्मीदवार की घोषणा की है. उन्होंने यूरोपीय संसद के सदस्य और कॉमेडियन मार्टिन सोनेबॉर्न के 79 वर्षीय पिता को उम्मीदवार बनाया है जो जनमत में बिल्कुल अनजाने हैं. पार्टी ने कहा है कि उनके पास प्रतिनिधित्व वाली जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त समय होगा. वे अपने उम्मीदवार के चयन से स्थापित पार्टियों की आलोचना का संकेत देना चाहते हैं.

जर्मनी के मौजूदा राष्ट्रपति योआखिम गाउक का कार्यकाल 17 मार्च को समाप्त हो रहा है. उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र के कारण दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उनके बाद चुने जाने पर फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर अगले पांच साल के लिए वेलेव्यू पैलेस में राष्ट्रपति का पद संभालेंगे. श्टाइनमायर ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कहा था, "जर्मन राष्ट्रपति को चीजों को आसान करने वाला नहीं बल्कि हिम्मत बढ़ाने वाला होना चाहिए." पद की मर्यादा के अनुरूप उन्होंने कहा, "पद के लिए मेरी खुशी बड़ी है, लेकिन उसकी जिम्मेदारियों के लिए आदर और भी ज्यादा."

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