1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

जर्मनी में आतंकी खतरा, लेकिन डरने की जरूरत नहीं

पश्चिम यूरोप के देशों में अल कायदा हमले की आशंका के बारे में कई देशों की ओर से चेतावनी दी गई. खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसी चेतावनी देने वाले देशों में अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा अब स्वीडन और जापान भी शामिल हो गए हैं.

default

टोक्यो और स्टॉकहोम से जारी की गई चेतावनी में यूरोप की यात्रा कर रहे अपने देश के नागरिकों से कहा गया है कि वहां अल कायदा और उससे जुड़े हुए आतंकी गुटों की ओर से आतंकवादी हमले हो सकते हैं. दोनों देशों ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे सार्वजनिक भवनों, परिवहन प्रणालियों तथा सैलानियों के आकर्षण स्थलों में सजग रहें.

इससे पहले रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि हमलावर यूरोप में सरकारी व निजी निशानों पर विभिन्न प्रकार के साधनों और हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज के अनुसार चरमपंथियों के पास फ्रांस और जर्मनी में हमले के निशानों की एक सूची है, जिसमें पेरिस का आइफल टावर तथा नोत्रदाम कैथेड्रल और बर्लिन का ब्रांडेनबुर्ग गेट, मुख्य रेलवे स्टेशन और आलेक्जांडरप्लात्ज का टीवी टावर शामिल है.

एक वरिष्ठ पश्चिमी खुफिया अधिकारी का हवाला देते हुए फॉक्स न्यूज के मुताबिक अफगानिस्तान के बगराम वायुसैनिक अड्डे पर एक जर्मन-पाकिस्तानी आतंकवादी से पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली है.

ऐसी खबरों के मद्देनजर जर्मन गृहमंत्री थोमास दे मेजियेर ने दहशत में आने के खिलाफ चेतावनी दी है. सोमवार को एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि जर्मनी में तुरंत हमलों की आशंका के ठोस संकेत नहीं मिले हैं.

दे मेजियेर के अनुसार सन 2009 की शुरुआत से ही खुफिया सूचनाएं मिलती रही हैं, जिनके अनुसार अल कायदा जर्मनी सहित यूरोप व अमेरिका में हमलों की योजनाएं बना रहा है. उन्होंने कहा कि इन सभी सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है व उनके मुताबिक कदम उठाए जा रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस सिलसिले में जर्मनी के निकट संबंध बने हुए हैं. फॉक्स न्यूज की ओर से पेश किए गए निशानों के बारे में उन्होंने कहा कि जर्मनी में संभाव्य हमलों के निशानों के बारे में एक साल पहले से ही जानकारी थी. लेकिन इनकी वजह से दहशत में आने की कोई जरूरत नहीं है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: एस गौड़

DW.COM

WWW-Links

संबंधित सामग्री