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दुनिया

जर्मनी में अरबों के टैक्स की हेराफेरी

बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर बड़े पैमाने पर टैक्स बचाने के आरोप लगते रहे हैं. अब एक सर्वे में पता चला है कि जर्मन कंपनियां भी खातों में हेरफेर कर और मुनाफे को विदेशी उपक्रमों में भेजकर अरबों यूरो टैक्स बचा रही है.

बर्लिन के जर्मन आर्थिक शोध संस्थान का कहना है कि लिमिटेड और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के साबित मुनाफों और उस मुनाफे के बीच, जिस पर टैक्स दिया गया है, 2008 के आंकड़ों के हिसाब से 92 अरब यूरो का अंतर है. 2008 के बाद के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं. जर्मनी के दैनिक वेल्ट अखबार ने आर्थिक शोध संस्थान के श्टेफान बाख के हवाले से कहा है, "यदि हमारा आकलन सही है, जर्मन कंपनियों ने 2001 से 2008 के बीच अपने मुनाफे पर सिर्फ 21 प्रतिशत टैक्स अदा किया. यह कानून द्वारा तय टैक्स से बेहद कम है."

श्टेफान बाख का कहना है कि खास कर टैक्स को प्रभावित करने वाले घाटे और पिछले सालों से बैलेंस शीट में दिखाए जा रहे घाटे नजर में आते हैं. वे इस बीट 568 अरब यूरो हो गए हैं. बाख कहते हैं, "यह टैक्स में छूट, टैक्स में लाभ या टैक्स बचाने की संभावनाओं की ओर संकेत करता है, जो व्यवस्थित रूप से कम टैक्स लायक आमदनी की ओर ले जाता है." जर्मनी के प्रसिद्ध आर्थिक शोध संस्थान के टैक्स विशेषज्ञ बाख ने माना है कि 92 अरब यूरो के अंतर के आकलन में कुछ गलतियां संभव हैं, लेकिन उनका कहना है कि रिसर्च के दौरान उनका सामना टैक्स के भुगतान में स्थायी अंतर की ओर गया है. बाख कहते हैं कि दिए गए टैक्स और दिए जाने वाले टैक्स का अंतर 2000 के बाद से हमेशा 90 अरब यूरो से ज्यादा रहा है और 2007 में तो वह 120 अरब यूरो हो गया था.

जर्मनी की केंद्रीय सरकार और प्रांतीय सरकारों ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों की टैक्स बचाने की नीति की समीक्षा के लिए हाल में एक कार्य दल बनाया है. वह इन कंपनियों के अनुचित टैक्स मॉडलों का पता करेगा और उसे रोकने के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव देगा. आमदनी में कमी का सामना कर रही पश्चिमी सरकारें पिछले सालों में सामाजिक खर्च में कटौती करती रही हैं, लेकिन 2008 के वित्तीय संकट के बाद जनता से और धन लेने में अक्षम सरकारें बैंकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ओर ध्यान दे रही हैं.

हाल में अमेरिकी सीनेट ने आयरलैंड में कंपनी के उपक्रम बनाकर टैक्स बचाने के मॉडलों के कारण कम्प्यूटर कंपनी एप्पल की कड़ी आलोचना की थी और एप्पल कंपनी के प्रमुख टिम कुक को तलब किया था. एप्पल ने अमेरिका में अरबों डॉलर का टैक्स बचाने के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि इन संरचनाओं की वजह से उसे अमेरिका में रिसर्च वाली नौकरियां देने में मदद मिली है.

एमजे/एजेए (डीपीए, रॉयटर्स)

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