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दुनिया

जर्मनी ने सीआईए अधिकारी को निकाला

जासूसी कांड गहराने के बाद जर्मनी ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के बर्लिन में तैनात प्रमुख अधिकारी को निकाल दिया है. इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और गड़बड़ा गए हैं.

जर्मनी में अमेरिकी जासूसी के दो संदिग्ध मामले आने के बाद गुरुवार को अमेरिकी अफसर को निकाल दिया गया. इससे खुलासा हो चुका है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एनएसए जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल के निजी फोन तक को टैप कर रही थी.

बर्लिन में जर्मन सरकार के प्रवक्ता श्टेफान जीबर्ट ने कहा, "अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अमेरिका स्थित दूतावास में मौजूद अधिकारी को जर्मनी छोड़ने को कह दिया गया है." नाटो देशों के सदस्यों के बीच आम तौर पर ऐसी कार्रवाई नहीं होती और इससे जासूसी कांड को लेकर जर्मनी की नाराजगी परिलक्षित होती है.

जासूसी की जांच

जीबर्ट ने बताया कि हाल के महीनों में अमेरिकी जासूसी के मामले को लेकर जर्मन जांच में जो बातें सामने आईं, उन्हीं को आधार बना कर सीआईए अधिकारी को देश छोड़ने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि जर्मन सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. इसे जर्मनी और अमेरिका के बीच पिछले 10 साल का सबसे खराब रिश्ता भी बनता दिख रहा है. इससे पहले इराक पर 2003 में हमले से पहले अमेरिका ने जर्मनी से साथ पाने की कोशिश की थी, जिससे इनकार करने पर दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए थे.

हालांकि इस मामले पर अमेरिका ने इस बार संयम से जवाब दिया है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि बर्लिन के साथ संपर्क कूटनीतिक, खुफिया और कानूनी चैनलों से चल रहे हैं.

यूएसबी में दिए राज

जर्मन मीडिया ने इस घटना को "कूटनीतिक भूकंप" बताया है और इसकी तुलना हाल के कुछ दुर्लभ राजनयिक घटनाओं से की है. इनमें 1995 में फ्रांस का वह फैसला भी है, जिसमें उसने अमेरिकी अधिकारियों को जासूसी के आरोप में निकाल दिया था. इस बीच जर्मन पुलिस ने बुधवार को बर्लिन में एक घर की तलाशी ली. स्थानीय मीडिया का कहना है कि घर में रहने वाला शख्स जर्मनी के रक्षा मंत्रालय में काम करता था और समझा जाता है कि वह अमेरिका के लिए गुप्तचरी करता था. इससे पहले 31 साल का एक शख्स गिरफ्तार किया जा चुका है, जो जर्मन खुफिया एजेंसी बीएनडी का एजेंट है. उस पर सीआईए को 200 से ज्यादा गुप्त दस्तावेज देने का आरोप है.

जर्मनी के प्रमुख अखबार डी वेल्ट ने रिपोर्ट छापी है कि इस शख्स ने जो दस्तावेज अमेरिका को दिए हैं, उनमें जर्मनी के संसदीय पैनल की वह रिपोर्ट भी है, जो एनएसए की जासूसी की जांच कर रहा है. अखबार ने बताया कि ये दस्तावेज यूएसबी स्टिक में ट्रांसफर किए गए और समझा जाता है कि इसमें जर्मन चांसलर के बीएनडी को दिए निर्देश के बारे में भी जानकारी है.

एजेए/ओएसजे (एएफपी, डीपीए)

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