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दुनिया

जर्मनी के लिए आज स्थायी सीट मांगेंगे वेस्टरवेले

जर्मन विदेश मंत्री गीडो वेस्टरवेले आज संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. विदेश मंत्री बनने के बाद महासभा में दुनिया भर के नेताओं के सामने उनका पहला भाषण है और वह जर्मनी के लिए सुरक्षा परिषद की सीट की मांग करेंगे.

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गीडो वेस्टरवेले ने सुरक्षा परिषद की सीट पाने की जर्मनी की संभावना को उम्मीद भरा बताया है. इस साल वह सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट का उम्मीदवार है. लेकिन भारत की तरह वह परिषद की स्थायी सीट का भी दावेदार है और अपने भाषण में विदेश मंत्री वेस्टरवेले इस दावे को दोहराएंगे. स्थायी सीट के लिए जर्मनी को ब्रिटेन की ओर से समर्थन मिला है. ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री निक क्लेग ने शुक्रवार को महासभा में कहा कि लंदन साफ और स्पष्ट रूप से सुरक्षा परिषद में जर्मनी की स्थायी सदस्यता का पक्षधर है.

जर्मन टेलिविजन के साथ बात में वेस्टरवेले ने प्रभावशाली संस्था में सीट पाने के उम्मीद जताते हुए कहा, "मैं आशावादी हूं, आश्वस्त हूं, लेकिन बहुत तंग दौड़ है क्योंकि हमारे दो अच्छे प्रतिस्पर्धी हैं." अक्तूबर में परिषद की अस्थायी सीट का फैसला होगा. जर्मनी का मुकाबला पुर्तगाल और कनाडा से है.

इस साल सुरक्षा परिषद की 10 अस्थायी सीटों में से दो का चुनाव होना है. सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के विपरीत इन 10 देशों को वीटो का अधिकार नहीं है. जर्मनी पिछली बार 2003 और 2004 में परिषद का अस्थायी सदस्य था. इस बार सीट पाने के लिए उसे 192 सदस्यों वाली महासभा में दो तिहाई देशों का समर्थन चाहिए.

भारत, जापान और ब्राजील के विदेश मंत्रियों के साथ जर्मन विदेश मंत्री वेस्टरवेले ने संयुक्त राष्ट्र सुधारों की मांग की है. उन्होंने कहा है कि सुरक्षा परिषद में अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए. उन्होंने कहा कि एशिया का प्रतिनिधित्व कम है. जर्मनी ने 2005 में सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट पाने की कोशिश की थी लेकिन विफल रहा था.

रिपोर्टः महेश झा

संपादनः वी कुमार

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