जर्मनी के पूर्व राष्ट्रपति हैर्त्सोग का निधन | दुनिया | DW | 10.01.2017
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दुनिया

जर्मनी के पूर्व राष्ट्रपति हैर्त्सोग का निधन

जर्मन राष्ट्रपति रोमान हैर्त्सोग का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. अपने झटके वाले भाषण के लिए विख्यात पूर्व राष्ट्रपति देश में हर क्षेत्र में सुधारों की वकालत के लिए जाने जाते हैं.

रोमान हैर्त्सोग 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे. मौजूदा राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने पूर्व राष्ट्रपति को आगे बढ़ने के साहस वाली असाधारण शख्सियत बताया. हैर्त्सोग की पत्नी अलेक्जांड्रा फ्राइफ्राऊ फॉन बैर्लिषिंगन को लिखे गए शोक पत्र में राष्ट्रपति गाउक ने कहा कि हैर्त्सोग ने जर्मनी की छवि और हमारे समाज की सहिष्णुता को प्रभावित किया और उसे गढ़ा.

रोमान हैर्त्सोग अपने कार्यकाल में जर्मनी में सुधारों की अनिच्छा के खिलाफ चेतावनी देते रहे और राजनीति तथा समाज द्वारा खड़ी की रही बाधाओं के खिलाफ लड़ते रहे. चांसलर हेल्मुट कोल के कार्यकाल के अंतिम दिनों में 1997 में उनका वह भाषण खास तौर पर याद किया जाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि जर्मनी से होकर एक झटका जाना चाहिए.

देखिए तस्वीरों में हैर्त्सोग 

जर्मनी में राष्ट्रपति का पद भारत की ही तरह शोभा का पद है लेकिन जर्मन राष्ट्रपति अपने भाषणों के जरिये समाज में परिवर्तन लाने या लोगों को इसके लिए उकसाने और प्रोत्साहित करने के लिए जाना जाता है. अपने कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी रोमान हैर्त्सोग नागरिकों और राजनीतिज्ञों के बर्ताव की आलोचना करते रहे. 2008 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि नागरिक आगे नहीं बढ़ रहे हैं. सुधारों के लिए तैयारी तो है लेकिन उसके लिए राजनीतिक नेतृत्व चाहिए, उन्हें लामबंद करने के लिए असली करिश्मा चाहिए.

5 अप्रैल 1934 में लंड्सहूट में जन्मे रोमान हैर्त्सोग चांसलर अंगेला मैर्केल की क्रिस्चियन डेमोकैटिक यूनियन के सदस्य थे और राष्ट्रपति बनने से पहले वे बाडेन वुर्टेमबर्ग प्रांत के शिक्षा और गृहमंत्री और बाद में संवैधानिक अदालत के मुख्य न्यायाधीश रहे. उनकी पहली पत्नी क्रिस्टियाने हैर्त्सोग का 2000 में निधन हो गया था.

एमजे/एके (डीपीए)

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