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दुनिया

जम्मू कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन

सात संदिग्ध चरमपंथियों की हत्या के बाद जम्मू कश्मीर में हिंसक झड़पें हुई हैं. गांव वालों का आरोप है कि मारे गए लोग स्थानीय नागरिक हैं. पुलिस के मुताबिक सभी मृत चरमपंथी हैं और हाल में सीमा पार से घुसपैठ की थी.

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुपवाड़ा जिले के लोलाब में लोगों ने पुलिस स्टेशन को घेर लिया और मृतकों के शवों की शिनाख्त की मांग करने लगे. स्थानीय लोगों की मांग थी कि वे इस बात की पुष्टि करना चाहते हैं कि मारे गए लोगों में कोई स्थानीय नागरिक तो नहीं. इस दौरान सैकड़ों गुस्साए गांव वालों की पुलिस के साथ झड़प हुई. गांव वालों का आरोप है कि पुलिस ने सात बेगुनाह नागरिकों को चरमपंथी बताकर मार डाला.

पिछले दिनों इलाके के कुछ नागरिक लापता हो गए थे. एक अनाम अधिकारी के मुताबिक कुपवाड़ा में गांव वालों ने एक पुलिस स्टेशन में आगजनी की. नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "पुलिस पर पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हवा में गोलियां चलाई गईं."

सोमवार को सेना और पुलिस के साझा ऑपरेशन में सात अज्ञात चरमपंथी मारे गए थे. माना जा रहा है कि सभी चरमपंथी विदेशी नागरिक थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक सभी चरमपंथियों ने हाल ही में घुसपैठ की थी. यह मुठभेड़ भारत और पाकिस्तान की सीमा को बांटने वाले हिमालय क्षेत्र के पास हुई थी. स्थानीय नागरिक मंजूर अहमद ने समाचार एजेंसी एएफपी को फोन पर बताया कि गोलीबारी में एक शख्स घायल हुआ है. हालात संभालने के लिए अर्द्धसैनिक बल को बुलाया गया.

Kaschmir Proteste Unruhen

कश्मीर में हुए एक प्रदर्शन की फाइल तस्वीर

सेना ने सोमवार को कहा था कि उसने पुलिस के साथ साझा ऑपरेशन में दर्दपोरा गांव में सात संदिग्ध चरमपंथियों को मार गिराया है. सेना के प्रवक्ता एनएन जोशी के मुताबिक सातों की पहचान के बारे में पता लगाया जा रहा है. जब प्रशासन ने गांव वालों की मांग ठुकरा दी तो उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. हालात पर तब काबू पाया गया जब पुलिस ने इलाके के बुजुर्गों को शव देखने की इजाजत दी. मजारों और धार्मिक ढांचों की देखभाल करने वाली सरकारी संस्था को शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए गए हैं. भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में कहा था कि आम चुनाव को देखते हुए आतंकी घटनाएं बढ़ने की आशंका है. भारतीय सेना ने भी चिंता जाहिर की है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद खूंखार लड़ाके अपना ध्यान एक बार फिर कश्मीर पर केंद्रित कर सकते हैं.

एए/एएम (पीटीआई, एएफपी)

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