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दुनिया

जम्मू-कश्मीर में सेना ने लगाई पूरी ताकत

सशस्त्र बलों ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 43 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है इसके साथ ही राहत और बचाव कार्य अब भी युद्ध स्तर पर जारी है. पूरे जम्मू कश्मीर में बाढ़ से जिंदगी रूक सी गई है.

जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) ने व्यापक राहत और बचाव अभियान चलाया है. कुछ हेलीकॉप्टर और नौकाएं इस अभियान में लगाई गई हैं. जम्मू कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े राहत और बचाव अभियान में थल सेना की 215 टुकडियां, 80 चिकित्सा टीमें और 15 इंजीनियर टास्क टीमों को लगाया गया है. इसके अलावा वायुसेना और नौसेना भी राहत के काम में जुटी है. वायुसेना के 31 विमान और 30 हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्यों में लगे हैं जबकि नौसेना ने अपने कमांडो दस्ते को उतारा है. श्रीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का काम सोमवार रात भी बदस्तूर जारी रहा और इस दौरान 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. बाढ़ पीड़ितों के लिए 50 हजार लीटर पीने का पानी, 600 टन बिस्कुट, सात टन बच्चों का खाना और खाने के 1000 पैकेट वितरित किए गए हैं. साथ ही 7200 कंबल और 210 टेंट बाढ पीड़ितों को बांटे गए हैं.

वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अब तक 354 उडानें भरी हैं और 459 टन खाद्य सामग्री गिराई है. सेना की उड्डयन शाखा ने मंगलवार को 120 उडानें भरी और गंभीर रूप से घायल 71 लोगों को निकाला है. इस बीच सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख ने बाढ़ पीड़ितों के लिए एक अपील जारी करते हुए कहा है कि सेना फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि प्राथमिकता के आधार पर लोगों को निकाला जा रहा है.

एए/एएम (वार्ता)

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