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दुनिया

जनहित को प्रमुखता देगी चीन सरकार

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का वार्षिक सम्मेलन शुरू हो रहा है. पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी अपना नया प्रमुख चुंनेंगे. चीन की आम जनता अपने देश में लोकतंत्र के अभाव को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में दिलचस्पी से पूरा कर रही है.

चीन की जनता अमेरिकी चुनावों में काफी दिलचस्पी ले रही है, वह भी अपने देश में कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक से ठीक पहले जब देश के नए राष्ट्रपति और पार्टी प्रमुख का एलान किया जाएगा. इसकी वजह काफी हद तक साफ है. इंटरनेट कंपनी टेनसेंट की वेबसाइट पर लिखा है, "चीन की जनता अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में इतनी दिलचस्पी क्यों ले रही है? क्योंकि चीन की जनता अपने देश के मामलों को छोड़ चुकी है, उन्हें उस बारे में फैसले लेने का अधिकार नहीं."

सरकार भी अपनी जनता को काबू में रखने की पूरी तैयारी कर रही है. गुरुवार से शुरू हो रहे सात दिन के सम्मेलन से पहले ही थियान्मेन चौक पर सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त है, चौक पर स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल पर तैनात सैंकड़ों सैनिक नए प्रमुख की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे. कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया गया है. यहां तक कि टैक्सी ड्राइवर अपने गाड़ियों की पीछे वाली सीटों की खिड़कियां बंद रखेंगे, क्योंकि हो सकता है कि टैक्सी में सवार कोई राजनीतिक विरोधी खिड़की से अपने पर्चे लोगों के बीच बांटें, लोगों को भड़काए और बैठक की शांति को भंग करे.

पार्टी के प्रवक्ता काय मिंगशाओ के मुताबिक शुरुआती बैठक में अधिकारियों ने तय कर लिया है कि उप राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पार्टी कांग्रेस का महासचिव बनाया जाएगा. विश्लेषकों के मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि शी देश के सबसे अहम पद पर जल्द ही आएंगे. इस वक्त चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ पार्टी के प्रमुख हैं. 2008 से 59 साल के शी उप राष्ट्रपति पद संभाल रहे हैं. माना जा रहा है कि हू के बाद अगले साल मार्च में शी चीन के राष्ट्रपति बनेंगे.

शी के सामने कई चुनौतियां हैं. 2009 के बाद देश की आर्थिक विकास दर नीचे गिरी है और देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है. पार्टी प्रवक्ता काय ने कहा, "यह बैठक बहुत अहम होगी क्योंकि चीन एक ऐसे पड़ाव पर है जहां वह एक आधुनिक और समृद्ध समाज बनाने की कोशिश कर रहा है, सुधार कर रहा है, अपने को खोल रहा है और विकास के नक्शे को बदल रहा है." चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक जनमत सर्वेक्षण किया है. इससे पता चला है कि 10 में से आठ चीनी नागरिक राजनीतिक सुधार चाहते हैं. दो तिहाई चाहते हैं कि सरकार पर और कड़ी निगरानी रखने का कोई तरीका होना चाहिए.

पार्टी कांग्रेस 14 नवंबर को खत्म होगी और पार्टी की पोलितब्यूरो में नए नेता लाए जाएंगे. पोलितब्यूरो चीन में सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेती है. हर दस साल में पोलितब्यूरो के नए नेता और पार्टी प्रमुख चुने जाते हैं. वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पार्टी को खुद कुछ ऐसे राजनीतिक सुधार करने पड़ेंगे ताकि वह अपनी वैधता को साबित कर सके. लेकिन इस विवाद के बारे में और जानकारी नहीं मिल सकी है.

आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार के आरोपों ने पार्टी को काफी हद तक अस्थिर किया है. इस साल की शुरुआत में पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता बो शिलाई पर अपने पद के गलत इस्तेमाल और उनकी पत्नी पर खून के आरोप लगे. बो पर आरोप तय होने के बाद पार्टी के नेताओं में भी मतभेद की अफवाहें उड़ने लगीं. पार्टी प्रवक्ता काय का कहना है कि बो मामले से काफी सीख मिली है. लेकिन बो पर कार्रवाई से पता चला है कि, "पार्टी अपनी अखंडता और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने फैसले पर अटल है." बो की पत्नी गू कायलाय और बो के करीबी पुलिस प्रमुख वांग लीजुन दोनों गिरफ्तार किए गए हैं. गू पर आरोप है कि वह ब्रिटिश उद्योगी नील हेवुड की हत्या की साजिश में शामिल थीं और वांग ने उनकी मदद की. बात उस वक्त की है जब बो दक्षिण पश्चिमी शहर चोंगचिंग के पार्टी प्रमुख थे. बो पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का फायदा उठाया और मामला दबाने की कोशिश की. उनपर कार्रवाई पिछले महीने शुरू हुई.

उधर चीन की जनता के बारे में पार्टी का कहना है कि अपनी नीतियों को बनाते वक्त वे लोगों को प्रमुखता देंगे. लेकिन अब भी देश के नेता को चुनने का अधिकार पोलितब्यूरो और वहां बैठे प्रभावशाली कम्युनिस्ट अधिकारियों के पास ही है.

रिपोर्टः एमजी/ओएसजे(रॉयटर्स, एएफपी)

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