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जर्मन चुनाव

जंगल में चुनावी मंगल

कर्नाटक में मायावती के हाथी का भले ही असर न हो लेकिन असली हाथियों की लहर जरूर है. मतदान से पहले चुनाव आयोग को जंगली जानवरों का डर सता रहा है. हाथियों और तेंदुओं से बचने के लिए खास इंतजाम करने पड़े हैं.

कर्नाटक के हासन जिले में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसे 17 मतदान केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जहां हाथियों के उत्पात की आशंका है. हाथियों को भगाने के लिए आतिशबाजी का सामान भी तैयार है. चुनाव आयोग ने इन 17 मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करायी है.

अल्लूर और सकलेशपुर में वन विभाग के कर्मचारियों को चुनावी कार्य में लगाया गया है. निर्वाचन अधिकारी वी अंबुकुमार ने पत्रकारों को बताया कि किसी अनहोनी से निपटने के लिए वनकर्मी बंदूक और पटाखों के साथ मतदान स्थलों पर मौजूद रहेंगे.

इसी तरह तेंदुओं की आशंका वाले क्षेत्रों में वन विभाग की दो टीमों को बेहोश करने के इंजेक्शनों वाली बंदूकों और पिंजड़ों के साथ सुरक्षा में लगाया गया है. अगर तेंदुओं ने चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाली तो उन्हें बेहोश कर पिजड़े में बंद कर दिया जाएगा. मतदान और निर्वाचन टीमों के लौटने के बाद तेंदुओं को जंगल में छोड़ दिया जाएगा.

ओएसजे/एएम (वार्ता)

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