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खेल

छिना हुआ वर्ल्ड कप पाना चाहता है पाक

सुरक्षा कारणों से आईसीसी ने पाकिस्तान से वर्ल्ड कप की मेजबानी छीन ली लेकिन पाकिस्तानी टीम ने निश्चय किया है कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को हर हाल में देश में लाया जाएगा.

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टीम के मैनेजर इंतिखाब आलम, टेस्ट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक और तेज गेंदबाज उमर गुल समेत कई खिलाड़ियों ने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि उनके देश में वर्ल्ड कप के मैच नहीं होंगे. लाहौर में गुरुवार को वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का अनावरण किया गया. इस मौके पर सभी खिलाड़ियों ने कहा कि इस ट्रॉफी को वापस लाने के लिए वे कुछ भी कर जाएंगे.

2011 में वनडे वर्ल्ड कप होना है. पहले इसके मैच भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा पाकिस्तान में भी होने थे. लेकिन श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर 2009 में हुए आतंकवादी हमले के बाद आईसीसी ने पाकिस्तान में मैच न कराने का फैसला किया.

मिस्बाह उल हक ने कहा कि उन्हें इस फैसले से काफी निराशा हुई है. उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं पाकिस्तान के लोगों के लिए यह कितना ज्यादा निराशाजनक है. हम उनके लिए इतना ही कर सकते हैं कि दिल ओ जान से खेलें और ट्रॉफी को जीतकर घर ले आएं."

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कप्तानी करने वाले मिस्बाह ने कहा कि आईसीसी ने ट्रॉफी के अनावरण का समारोह पाकिस्तान में कराकर एक अच्छा काम किया है और इससे देश के क्रिकेट को फायदा पहुंचेगा.

19 फरवरी 2011 से शुरू हो रहे वर्ल्ड कप के अपने ग्रुप मैच पाकिस्तान को श्रीलंका में खेलने हैं. 1992 में जब पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप जीता था तब भी टीम के मैनेजर रहे इंतिखाब आलम कहते हैं कि यह वर्ल्ड कप उनके देश के लिए बेहद अहम है. उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि हमारा अच्छा खेलना हमारे लोगों के लिए क्या मायने रखता है. बदकिस्मती से पिछले दो वर्ल्ड कप हमारे लिए अच्छे नहीं रहे लेकिन हमारी टीम में इस बार अच्छा करने की काबिलियत है."

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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