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दुनिया

छवि वापस पाने को जूझता ब्रसेल्स

पेरिस हमले में ब्रसेल्स के युवकों का हाथ होने की खबरों के बाद से शहर के पर्यटन को धक्का लगा है. नगर प्रशासन और शहर निवासी खोई छवि को समेटने की कोशिश कर रहे हैं.

मुख्य चौक पर आर्ट डेको स्टाइल के चर्च से सैलानियों को परिचित कराते गाइड, यहां का आम मंजर हुआ करता था. सड़क के दूसरी तरफ एक मेडिकल स्टोर है जिसमें अरबी भाषा में कुछ लिखा है, साथ ही एक एशियाई रेस्तरां और मोरक्कन चाय की दुकान. मुस्लिम औरतें इन दुकानों में खरीदारी करती दिख रही हैं और दूसरे सिरे पर कुछ यूरोपीय लड़कियां खड़ी हैं. गाइड बिशप सैलानियों से कहते हैं, "देखिए यहां कितनी वेरायटी है. लोग अपने पड़ोसी शहर के बारे में क्या पढ़ते हैं और असल में क्या देखते हैं इसमें अंतर है." पड़ोसी से उसका संबंध मोलेनबीक शहर से है. 13 नवंबर को पेरिस में हुए हमले के बाद शहर की छवि को काफी नुकसान पहुंचा. हमलावरों का संबंध इसी शहर से बताया जाता है.

हमले के बाद शहर भर में छापे मारे गए, मीडिया में खबरों ने इस शहर को आतंकियों के ठिकाने के रूप में पेश किया. नवंबर के अंत में ब्रसेल्स में अब तक का सबसे बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट लागू हुआ. पांच दिन तक शहर का जनजीवन सन्नाटे की गोद में सोया रहा. इसके अलावा साल के अंत में ब्रसेल्स ने संभावित हमले की सुगबुगाहट से नववर्ष की पूर्व संध्या पर होने वाले आतिशबाजी कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया.

ब्रसेल्स के पर्यटन कार्यालय की शिकायत है, "हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया ब्रसेल्स को किसी युद्ध क्षेत्र की तरह पेश कर रहा है जिससे सैलानियों को बचना चाहिए." दुनिया भर में छपी रिपोर्टों में टैंकों और हथियारबंद सैनिकों की शहर में तस्वीरें छापी गईं. इस बात से नाराज मेयर इवान मायुर मानते हैं कि इन तस्वीरों ने शहर की गलत छवि प्रस्तुत की है.

पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक पर्यटकों में 30 फीसदी गिरावट आई है. ब्रसेल्स होटल असोसिएशन का अनुमान है कि नवंबर और दिसंबर 2015 में उसके सदस्यों को करीब 2.8 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है. अध्यक्ष सोफी ब्लोंडेल ने कहा, "इससे पहले बुकिंग में कभी इतनी गिरावट नहीं आई थी जितनी इस छोटी सी अवधि में आई है."

कनाडा की जेनीन कहती हैं, "तमाम चेतावनियों के बावजूद कुछ पर्यटक यहां आने का अपना शौक पूरा कर रहे हैं." वह अपनी बेटी के साथ यहां घूमने आई हैं. लेकिन वह मानती हैं कि यहां आने से पहले उनके मन में झिझक जरूर थी. उन्होंने बताया कि शहर की टैंकों से लैस तस्वीरों ने उनके मन में भी संदेह पैदा किया था.

टूर गाइड बिशप से लोग अक्सर पूछते हैं पेरिस हमलों का मुख्य अभियुक्त सलाह अब्देलसलाम कहां रहता था. बिशप बताते हैं, "हालांकि, हम उनकी इस जिज्ञासा को मोलेनबीक की असली छवि दिखाने में इस्तेमाल करते हैं ना कि वह जो उन्होंने अखबारों में पढ़ा है."

आजकल भी सैनिक शहर के रेलवे स्टेशनों, सड़कों और गलियों में गश्त करते दिख जाते हैं. लेकिन बिशप को उम्मीद है कि अगले तीन चार महीने में सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा.

एसएफ/एमजे (डीपीए)

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