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खेल

चैंपियंस लीग में बायर्न बनाम मैनयू

चैंपिंयस लीग के क्वार्टर फाइनल में बायर्न म्यूनिख का मुकाबला मैनचेस्टर यूनाइटेड से है. यह पहला मौका है जब मैनयू अपने घरेलू मैदान पर जीत का दावेदार नहीं है. बायर्न की टीम इस समय की यूरोप की सबसे अच्छी टीम है.

पिछले महीनों में ब्रिटिश प्रीमियर लीग में हुए कुछ अपमानजनक नतीजों में मैनचेस्टर यूनाइटेड गलत पक्ष में शामिल रहा है. इनमें जानी दुश्मन समझे जाने वाले लीवरपूल और मैनचेस्टर सिटी के हाथों हुई 3-0 की हार भी शामिल है. इन हारों की वजह से ही मैनयू के फैंस यह सवाल पूछ रहे हैं कि वह क्वार्टर फाइनल के पहले लेग में बायर्न म्यूनिख को कैसे मात देगा? सवाल उचित ही है.

बायर्न इस समय यूरोपीय चैंपियन है और यूरोप की सबसे अच्छी टीम है. उसने हाल ही में जर्मन लीग जीती है और इस सीजन में सभी प्रतियोगिताओं में सिर्फ दो मैच हारे हैं. एक जर्मन सुपर कप में और दूसरा चैंपियंस लीग में मैनचेस्टर सिटी के हाथों जब साफ था कि वह लीग के लिए क्वालिफाई कर चुका है.

उधर यूनाइटेड कुछ समय से अपने सबसे खराब सीजन से गुजर रहा है और इंगलिश लीग में सातवें नंबर पर चल रहा है. हालत इतनी खराब है कि टीम के मैनेजर और कुछ खिलाड़ियों की योग्यता पर संदेह किया जा रहा है. लेकिन हकीकत यह है कि वह यूरोपीय फुटबॉल की कद्दावर टीम है और उसे आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

रिकॉर्ड खदेड़ते खिलाड़ी

इस साल रिकॉर्ड समय में बुंडेसलीगा का टाइटल फिर से हासिल करने के बाद बायर्न म्यूनिख लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग जीतने की कोशिश में है. पिछले सीजन की तरह वह इस साल भी बुंडेसलीगा, जर्मन कप और चैंपियंस लीग एक साथ जीत सकता है. हालांकि शनिवार को 3-3 का ड्रॉ कर होफेनहाइम ने लगातार मैच जीतने के उसके रिकॉर्ड को 19 मैचों के बाद विराम लगा दिया है लेकिन वह 53 मैचों से अविजित है. यह भी बुंडेसलीगा का रिकॉर्ड है.

बायर्न अगर बुंडेसलीगा के मौजूदा सीजन में बाकी बचे छह मैच जीत लेता है तो वह लीग के 51 साल के इतिहास में बिना मैच हारे चैंपियन बनने वाला पहला क्लब होगा. पिछले साल के प्वाइंट का रिकॉर्ड तोड़ने के वह काफी करीब है. पिछले साल सीजन के अंत में उसके 91 प्वाइंट थे, इस साल उसने अब तक 78 प्वाइंट इकट्ठा कर लिए हैं जबकि बाकी बचे मैचों से उसे और 18 प्वाइंट मिल सकते हैं.

1999 की यादें

जब से क्वार्टर फाइनल के लिए बायर्न म्यूनिख और मैनचेस्टर यूनाइटेड का ड्रॉ निकला है, 1999 के यादगार फाइनल की याद की जा रही है, जिसमें इंगलिश टीम की जीत हुई थी. वे एलेक्स फर्गुसन के ट्रॉफियों वाले चमत्कारी दिन हुआ करते थे. लेकिन यह सीजन फर्गुसन के जाने के बाद पहला है और मैनेजर डेविड मोएस सहित सबके लिए बहुत ही कठिन रहा है.

ओल्ड ट्रैफर्ड पर पहले साल में मोएस के लिए हर जीत तुरंत एक नई हार लेकर आती रही है. इसलिए वे इस बात पर चिंतित हो सकते हैं कि बायर्न के साथ होने वाले मुकाबले से ठीक पहले इंगलिश लीग में मैनयू ने एस्टन विला पर 4-1 की जीत हासिल की थी. इस मैच पर बहुत कुछ निर्भर है. यह मैच आने वाले कुछ सालों के लिए उसका आखिरी चैंपियंस लीग मैच हो सकता है. मोएस की टीम प्रीमियर लीग में पहली चार टीमों से 10 प्वाइंट दूर है और लगभग तय है कि वह अगले सीजन में चैंपियंस लीग नहीं खेल पाएगा. इसके लिए उसे इस सीजन में खिताब जीतना होगा.

एमजे/एएम (एपी)

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