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खेल

चैंपियंस ट्रॉफी जर्मनी लाई महिलाएं

बायर्न म्यूनिख और डॉर्टमुंड के बीच होने वाले चैंपियंस लीग के फाइनल से पहले महिला फुटबॉलर जर्मनी के लिए यह ट्रॉफी घर ले आई हैं. वोल्फ्सबुर्ग की महिला टीम ने लियों को हराया.

लियों दो साल से चैंपिंयंस लीग की ट्रॉफी पर कब्जा जमाए रहा लेकिन 2013 में जर्मन महिला फुटबॉल टीम ने उसे चौंकाते हुए फाइनल जीत लिया. मार्टिना मुलर की पेनल्टी के दम पर टीम फआइनल मुकाबला 1-0 से जीतने में सफल रही. लंदन के स्टैमफर्ड ब्रिज स्टेडियम में हुए मैच में उन्होने अपना पहला चैंपियंस लीग खिताब जीता.

लियों की महिला टीम काफी मजबूत थी. क्वार्टर में पहुंचने वाली इस टीम ने सीजन के 36 में से 35 मैच जीते लेकिन आखिरी हार सारी जीतों पर भारी पड़ गई.

बिना स्कोर वाले फर्स्ट हाफ के बाद 73वें मिनट में वोल्फ्सबुर्ग को पैनल्टी मिली. जिसे मार्टिना मुलर ने लिया और लियों की गोलकीपर साराह बोहादी को चकमा देने में सफल हुई. हालांकि मैच में अधिकतर समय लियों का ही दबदबा था लेकिन इस पेनल्टी के अलावा कोई भी गोल मैच में नहीं हो सका.

वोल्फ्सबुर्ग के क्लब डाइरेक्टर, थोमास रोएटजेर्मान ने कहा, "यह एक सपना है, इससे अच्छा कुछ और हो ही नहीं सकता. टीम ने शानदार कमाई की है."

जर्मनी की महिला टीम की कोच सिल्विया नाइड ने कहा, "वोल्फ्सबुर्ग के शानदार सीजन का सबसे बढ़िया पल है चैंपियंस लीग में जीत. अगर आप लियों जैसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ सफल हो सकते हैं तो आपने अपनी ताकतवर पहचान बनाई है."

जर्मनी से हारने के साथ लियों की 95 लगातार जीतों का सिलसिला भी खत्म हो गया है. पिछले दो चैंपियंस लीग के फाइनल वह टरबाइन पोट्सडाम और एफएपसी फ्रैंकफर्ट के खिलाफ जीती थी.

एएम/एनआर (एएफपी, एपी)

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