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दुनिया

चुनाव के बाद यूक्रेन में बातचीत की तैयारी

यूक्रेन में चुनाव में पश्चिम समर्थक उम्मीदवार पेत्रो पोरोशेंको की जीत के बाद कीव और मॉस्को के बीच पहली बार तनाव कम होने के संकेत है. पश्चिम देशों को स्थिति के सुधरने की उम्मीद है, लेकिन नए टकरावों का खतरा बना हुआ है.

चुनावों के बाद रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और पोरोशेंको ने यूक्रेन संकट पर जल्द बातचीत की तैयारी व्यक्त की है. अरबपति पोरोशेंको की जीत से पश्चिमी देशों में पूर्व सोवियत गणतंत्र में स्थिरता आने और रूसी बहुल पूर्वी इलाकों में शांति की उम्मीद जगी है. पूर्वी यूक्रेन के कुछ हिस्सों में रूस समर्थक अलगाववादियों ने नियंत्रण कर रखा है.

85 फीसदी मतों की गणना के बाद पोरोशेंको के हिस्से में 54 फीसदी मत आए हैं. इस तरह उन्होंने पहले ही दौर में चुनाव जीत लिया है. यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संगठन का कहना है कि रविवार को हुए चुनाव लोकतांत्रिक मानकों पर खरे उतरते हैं. यूरोपीय संघ ने चुनाव को "स्थिति के सुधरने और सभी नागरिकों की सुरक्षा की फिर से बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम" बताया है.

चुनाव रुझानों के सामने आने के बाद लावरोव ने कहा, "हम पोरोशेंको के साथ संवाद के लिए तैयार हैं." उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन की जनता की इच्छा का आदर करता है. मॉस्को अभी भी चुनाव परिणामों की मान्यता की बात नहीं कर रहा है लेकिन इसके बावजूद लावरोव ने कहा, "यूक्रेन के बहुत से हिस्सों में चुनाव आयोजित किया गया है, यह कुल मिलाकर एक सकारात्मक तथ्य है." साथ ही उन्होंने पोरोशेंको से रूस समर्थक ताकतों के खिलाफ आतंकवादविरोधी अभियान रोकने और जेनेवा में तय अंतरराष्ट्रीय फैसलों पर वापस लौटने की मांग की. इसमें सभी गैरसरकारी दस्तों को निहत्था करने और कीव में आजादी चौक को खाली करने का फैसला शामिल है.

इसके विपरीत पोरोशेंको अलगाववादियों के खिलाफ सैनिक कार्रवाई को जारी रखने के पक्षधर हैं, हालांकि साथ ही उन्होंने मॉस्को के साथ बातचीत की पेशकश की है. उन्होंने कीव में कहा कि रूसी इलाकों में रूसी भाषा का आधिकारिक भाषा का दर्जा बन रहेगा. पोरोशेंको ने कहा, "अशांत इलाकों में स्थिरता लाना रूसी प्रतिनिधियों के बिना, रूसी नेतृत्व के साथ भेंट के बिना संभव नहीं होगा." उन्होंने एक बार फिर चरमपंथियों के साथ बात करने से इंकार किया.

मैर्केल की अपील

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से यूक्रेन के चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने की अपील की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि "रूस ने चुनाव के पहले जो कहा है उसे अब सही साबित करेगा." इसमें यह भी शामिल है कि रूस नए राष्ट्रपति के साथ सहयोग करेगा. मैर्केल की तरह जर्मन विदेश मंत्री फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने भी यूक्रेन में शीघ्र जरूरी सुधारों की मांग की. उन्होंने संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के अलावा संसदीय चुनाव के लिए सही समय चुनने की भी मांग की.

उधर चुनावी जीत के साफ होने के बाद पोरोशेंको ने कहा कि वे आगे भी प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेन्युक के साथ काम करना चाहते हैं, "मेरी ओर से प्रधानमंत्री को बदलने की कोई योजना नहीं है. आर्सेनी पेत्रोविच अब तक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं." प्रधानमंत्री यात्सेन्युक पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया टीमोशेंको की पार्टी के हैं, जो राष्ट्रपति चुनावों में सिर्फ 13 फीसदी मत पाकर हार गई हैं.

उधर पूर्वी यूक्रेन से नई लड़ाइयों की खबर है. अलगाववादियों के कब्जे वाले शहर दोन्येत्स्क के हवाई अड्डे पर सरकारी सैनिकों ने अलगाववादियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया. सेना के एक प्रवक्ता ने फेसबुक पर बताया कि सेना ने लड़ाकू विमानों और थलसेना का इस्तेमाल किया. अलगाववादियों ने इसके पहले हवाई अड्डे पर कब्जा कर लिया था और सेना की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था. सुरक्षा घेरा तोड़कर अलगाववादियों के गढ़ स्लावयांस्क की ओर भागते समय दो रूस समर्थक मारे गए.

एमजे/आईबी (डीपीए)

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