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दुनिया

चुनाव आयोग को राहुल का जवाब

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से कहा है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है, उधर अमेरिका ने नरेंद्र मोदी के साथ मिल कर काम करने का संकेत दिया है. भारत में जल्द ही चुनाव का मौसम शुरू हो रहा है.

शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के बारे में जो बयान दिया है, उससे आचार संहिता का किसी तरह उल्लंघन नहीं होता है. राहुल ने दावा किया था कि दंगों के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई दंगा पीड़ितों के संपर्क में है.

राहुल गांधी ने सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब साढ़े 11 बजे सुबह की समयसीमा से पहले ही आयोग को भेज दिया. इसके बाद आयोग राहुल गांधी के जवाब पर चर्चा कर रहा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त भी शामिल हैं.

आयोग ने 31 अक्टूबर को राहुल गांधी को नोटिस भेज कर उनके भाषणों के बारे में जवाब मांगा था. गांधी ने मुजफ्फरनगर दंगों और आईएसआई का जिक्र करते हुए कहा था कि बीजेपी नफरत की राजनीति कर रही है. आयोग ने पहले चार नवंबर तक उनसे जवाब मांगा था लेकिन इसके बाद राहुल गांधी ने हफ्ते भर का वक्त और मांगा. आयोग ने इंदौर और चुरू में उनके भाषणों के बारे में पूछा था कि पहली ही नजर में इन्हें आचार संहिता का उल्लंघन क्यों न माना जाए.

Narendra Modi Indien Ministerpräsident Gujarat

मोदी और वीजा की चिकचिक

पांच विधानसभा चुनाव

भारत में इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिसके बाद अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस और यूपीए गठबंधन ने फिलहाल किसी नेता को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, जबकि बीजेपी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय कर दिया है.

उधर, अब तक मोदी से कन्नी काटते आए अमेरिका ने इस बात का संकेत दिया है कि वह मोदी के साथ मिल कर काम करने को तैयार है और उनका वीजा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि चुनाव के नतीजे जो भी हों, दोनों देशों के आगे बढ़ रहे रिश्ते रुकने नहीं चाहिए.

भारत के साथ अमेरिका

समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी है, "हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता के साथ काम करेंगे. इस बारे में कोई सवाल ही नहीं उठता है." नेता ने ये बातें अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहीं. उन्होंने यह भी कहा कि मोदी के लिए अमेरिका का वीजा बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है. उनका कहना है, "मैं समझता हूं कि इससे पहले भी जब भारत में बीजेपी की सरकार थी, तो अमेरिका का उसके साथ बहुत अच्छा रिश्ता रहा है."

गुजरात के 2002 के दंगों में आरोपी मोदी को 2005 में राजनयिक वीजा नहीं दिया गया था और उन्हें दिया गया टूरिस्ट और बिजनेस वीजा रद्द कर दिया गया. अमेरिका में उन लोगों को वीजा नहीं दिया जाता, जो धार्मिक सहिष्णुता नहीं बरतते.

एजेए/एएम (पीटीआई)

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