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दुनिया

चुनावों में ओबामा को कड़ी शिकस्त

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी का सीनेट और प्रतिनिधि सभा पर फिर से कब्जा हुआ. गवर्नर चुनाव में भी उसने राष्ट्रपति बराक ओबामा की डेमोक्रैटिक पार्टी से चार प्रांत झटक लिए. ओबामा को अब विपक्ष के साथ सत्ता बांटनी होगी.

अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 100 सीटों में से अब कम से कम 52 सीटें हैं. इस जीत के साथ पार्टी ने आठ साल बाद संसद के उपरी सदन पर नियंत्रण हासिल किया है. रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने डेमोक्रैटिक पार्टी से सात सीटें छीन लीं. इनमें अरकांसास, कोलेराडो, आयोवा, मोंटाना, नॉर्थ कैरोलाइना, साउथ डकोटा और वेस्ट वर्जीनिया की सीटें शामिल हैं. मंगलवार को अमेरिका में सीनेट की एक तिहाई सीटों के लिए चुनाव हुए. वर्जीनिया और अलास्का के नतीजे आने बाकी हैं जबकि लुइजियाना में दिसंबर में चुनाव के दूसरे चरण में फैसला होगा.

प्रितिनधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी को पहले से ही बहुमत था. 435 सीटों वाली सदन में उसने दस नई सीटें जीती हैं. उसके पास अब 235 सीटें हैं. रिपब्लिकन पार्टी ने फ्लोरिडा, जॉर्जिया, इलिनॉय, न्यू हैम्पशर, न्यू यॉर्क, नॉर्थ कैरोलाइना और वेस्ट वर्जीनिया में नई सीटें जीती हैं. न्यू यॉर्क, हवाई और मिनेसोटा के चुनाव क्षेत्रों से नतीजे आने बाकी हैं.

Kongresswahlen in den USA (Jubelnde Republikaner)

खुशियां मनाते रिपब्लिकन

हर दो साल पर होने वाले चुनावों में इस साल 36 प्रांतों के गवर्नरों का भी फैसला हुआ. कम से कम चार प्रांतों में डेमोक्रैटिक सरकारें हार गई. इनमें इलीनॉय, मेरीलैंड और मेसाच्यूटेस जैसे डेमोक्रैटिक गढ़ भी शामिल हैं. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के प्रांत अरकांसास में भी रिपब्लिकन उम्मीदवार आगे रहा. विसकॉन्सिन और फ्लोरिडा में कांटे की टक्कर के बावजूद रिपब्लिकन गवर्नरों को अपनी सीटें बचाने में कामयाबी मिली.

साउथ कैरोलाइना में भारतीय मूल की अमेरिकी गवर्नर निक्की हेली अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहीं. उन्होंने 55 फीसदी लोकप्रिय मत पाकर अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वन्द्वी विन्सेन्ट शेहीन को करारी शिकस्त दी और इस पद के लिए दूसरा कार्यकाल हासिल कर लिया. भारतीय मूल के बॉबी जिंदल के बाद हेली अमेरिका में दूसरी भारतीय अमेरिकी गवर्नर हैं. जिंदल लुइसियाना के गवर्नर हैं.

रिपब्लिकन पार्टी ने ओबामा के राष्ट्रपति शासन को अपने चुनाव अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया था, लेकिन राष्ट्रपति की घटती लोकप्रियता के कारण पार्टी उम्मीदवारों ने चुनाव अभियान में उनसे किनारा किया. इसके विपरीत रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति को अमेरिकी नागरिकों में सरकार के हस्तक्षेप के लिए जिम्मेदार ठहराया और समर्थकों को जुटाने की कोशिश की. उन्होंने अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत, इबोला के भय और इस्लामिक स्टेट के चरकमपंथियों द्वारा अमेरिकियों की हत्या पर लोगों के असंतोष को भुनाया. मतदान के बाद करीब दो तिहाई मतदाताओं ने कहा कि देश गंभीर रूप से गलत राह पर है.

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