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दुनिया

चीन में सेक्स कारोबार पर शिकंजा

चीन के सेक्स कारोबार में दशकों की तेजी के बाद अब थोड़ी नरमी आ रही है. बीजिंग की साम्यवादी सरकार ने इसके खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा सख्ती करनी शुरू कर दी है.

चीन में माओ के दौर में देह व्यापार को कुचल दिया गया था, लेकिन 1980 में चीनी अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद देह व्यापार तेजी से फलता फूलता गया. नए निवेश को अपनी तरफ खींचने में उत्सुक स्थानीय सरकारों की नजर इस धंधे पर नहीं पड़ी और न ही अधूरे मन से की गई पुलिस कार्रवाई ही इस उद्योग का कुछ बिगाड़ पाई. लेकिन इस बार देह व्यापार के खिलाफ अभियान थोड़ा अलग है.

देह व्यापार पर काबू पाने में नाकाम रहने वाले एक शहर के पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया गया. यही नहीं पार्टी के चार नेताओं को इसके लिए सार्वजनिक तौर माफी भी मांगनी पड़ी. चीन के आंतरिक मंत्रालय को इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई थी. शायद उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि छापों के दौरान पकड़ी गईं लड़कियों के प्रति लोगों में सहानुभूति पैदा हो जाएगी.

पार्टी के अखबार में लगातार चार दिन तक संपादकीय लिखे गए, जिसमें अवैध व्यापार के प्रति किसी भी तरह की सहानुभूति की निंदा की गई. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आम नागरिकों के जीवन पर कम्युनिस्ट पार्टी का प्रभुत्व दोबारा कायम करने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही साथ वे देश के नैतिक कंपास को दोबारा स्थापित करना चाहते हैं. बीजिंग में राजनीतिक विश्लेषक झांग लीफान कहते हैं, "यह माओ युग के कड़े दौर की वापसी हो सकती है."

China Prostitution

देह व्यापार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है

देश की अर्थव्यवस्था का हिस्सा देह व्यापार

सुन यात सेन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आई शियाओमिंग के मुताबिक, "शी जिनपिंग सामाजिक व्यवस्था का पुनर्निर्माण इस तरह से करना चाहते हैं जो सांस्कृतिक तौर पर अधिक रूढ़िवादी हो. यह एक नैतिक शुद्धिकरण है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व इच्छा पर नियंत्रण लगाने के लिए सैद्धांतिक लगाम कसना चाहती है." झांग समेत कई जानकारों का मानना है कि भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी पुलिस की सफाई के लिए इस तरह की कार्रवाई विरोधी गुटों के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाकर की जा सकती है. आई के मुताबिक, "हम सभी को पता है कि देह व्यापार पुलिस की मौन स्वीकृति के बिना नहीं चल सकता है."

1949 में कम्युनिस्ट पार्टी ने सत्ता में आने के बाद चकलाघर बंद कर दिए, यौनकर्मियों को दूसरे कामों में लगाया. बाद में सरकार ने देह व्यापार को खत्म कर बड़ी कामयाबी हासिल करने का दावा किया. अवैध यौन संबंध बनाने वाले के खिलाफ पार्टी ने कड़े मानक तय किए, जिसमें जेल की सजा से लेकर फांसी तक हो सकती थी. लेकिन जब 1980 में चीन के आर्थिक दरवाजे खुले तो गुपचुप तरीके से हांग कांग और ताइवान के व्यापारियों को सेक्स सेवाएं दी जानी लगी.

चीन में साम्यवादी सख्ती

इस धंधे को निवेश आकर्षित करने की उत्सुक सरकारें और स्थानीय पुलिस की मौन स्वीकृति प्राप्त थी. समय के साथ देश में इस कारोबार ने अपनी जड़ें जमा ली. तेजी के साथ बढ़ने के अलावा सेक्स उद्योग पूरे चीन में फैलकर देश की अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन गया. एक अनुमान के मुताबिक चीन में देह व्यापार में 40 से 60 लाख यौनकर्मियां लगी हैं. साउना, मसाज पार्लर, सैलून, नाइट क्लब और होटल में आसानी से यौनकर्मी मिलने लगीं.

दक्षिण में स्थित कारखानों का शहर डोंगगुआन सिटी ऑफ सेक्स के नाम से मशहूर है. इस शहर के एक आलीशान होटल का मालिक देश की शीर्ष सभा का सदस्य है. इस होटल में सेक्स सेवाएं भी दी जाती हैं. इसमें आश्चर्य नहीं कि ताजा अभियान डोंगगुआन से शुरू हुआ. सरकारी टीवी चैनल ने इस बारे में कई खुलासे किए जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी की.

इस कार्रवाई का बहुत ही कम जनता ने समर्थन किया. बजाय इसके उन्होंने सरकारी मीडिया और अधिकारियों की मोरल पुलिसिंग के लिए खिल्ली उड़ाई. यह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व और लोगों के बीच एक खाई की ओर इशारा करता है. आई के मुताबिक समाज यौनकर्मियों के प्रति अधिक सहिष्णु बन गया है. वे कहते हैं, "उनके पास विकल्प कम हैं, आजीविका चलाने के लिए वे इस धंधे में आती हैं." सरकारी ऑपरेशन के दौरान डोंगगुआन के पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया गया. चीन के आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक इस हफ्ते तक 2410 चकलाघर बंद कर दिए गए और 510 लोगों को गिरफ्तार किया गया. मंत्रालय के मुताबिक सेक्स व्यापार चलाने वाले और इसके संरक्षकों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा. आई के मुताबिक, "थोड़े समय में यह बहुत प्रभावी हो जाएगा लेकिन लंबे समय में जैसे ही इस पर नियंत्रण ढीला होगा यह फिर से फलने फूलने लगेगा."

एए/एमजे (एपी)

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