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दुनिया

'चीन में भी हो खुला संवाद'

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने चीन यात्रा के आखिरी दिन एक ओर बीजिंग यूनिवर्सिटी के छात्रों के बातचीत की वहीं मानवाधिकार और खुले संवाद के मुद्दे को भी सार्वजनिक रूप से उठाया.

व्यापारिक और निवेश संबंधी समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद अंगेला मैर्केल चीन यात्रा के आखिरी दिन बीजिंग में यूनिवर्सिटी के छात्रों से मिली. उन्होंने शिंगहुआ यूनिवर्सिटी के छात्रों को सलाह दी कि वे आलोचनात्मक सोच रखें. उन्होंने कहा, "मेरे विचार में सिर्फ वही समाज जो खुला और बहुलतावादी है हर व्यक्ति को उनकी निजी आजादी दे सकता है ताकि उनका भविष्य सफल बन सके."

इसके अलावा चांसलर मैर्केल ने सार्वजनिक रूप से मानवाधिकार का मुद्दा भी उठाया. बर्लिन दीवार के गिरने को याद करते हुए उन्होंने छात्रों से कहा कि देश को खुले संवाद की जरूरत है, "मेरे लिए यह संवाद बहुत जरूरी है क्योंकि 25 साल पहले जीडीआर (पूर्वी जर्मनी) में शांतिपूर्ण क्रांति के बाद बर्लिन की दीवार गिरी और हमें खुले संवाद का मौका मिला."

Vertragsunterzeichnung Lufthansa & Air China in Peking 07.07.2014

लुफ्थांसा और एयर चाइना में समझौता

पूर्वी जर्मनी में पली बढ़ी अंगेला मैर्केल ने यह भी कहा कि नागरिकों को कानून की ताकत में विश्वास होना चाहिए न कि ताकतवरों के कानून में. तीन दिवसीय चीन यात्रा के दौरान मंगलवार को उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से भी मुलाकात की. मैर्केल के शुरुआती कार्यकाल में वेन जियाबाओ प्रधानमंत्री थे और जर्मन चांसलर के निकट सहयोगी. दोनों नेताओं के बीच गहरेसंबंध हैं.

दोनों देशों के बीच सोमवार को कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इनमें कार निर्माता कंपनी फोक्सवागेन के दो नए कारखाने खोलने और 123 एयरबस हेलीकॉप्टरों को बेचने की डील शामिल हैं. जर्मन विमानन कंपनी लुफ्थांसा ने चीनी विमानन कंपनी एयर चाइना के साथ भी समझौता किया है. इससे जर्मन कंपनी को चीन में और विस्तार का मौका मिलेगा.

एएम/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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