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विज्ञान

चीन में बर्ड फ्लू के 100 मामले

चीन में नए साल की तैयारियों में बढ़ते बर्ड फ्लू के मामले चिंता पैदा कर रहे हैं. सरकार ने पोल्ट्री बाजारों को बंद करा दिया है.

चीन में बर्ड फ्लू के मामले पिछले साल फरवरी से ही दर्ज किए जा रहे हैं. 2013 में 144 लोग इसका शिकार हुए और 46 की मौत हो गयी. जून के बाद से हालात बेहतर नजर आ रहे थे. पर इस साल एक महीने में ही 102 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

मामलों को देखते हुए बर्ड फ्लू के महामारी बनने का खतरा बना हुआ है. लेकिन चीन सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अब तक इंसानों से अन्य इंसानों में इस बीमारी का संक्रमण नहीं हुआ है, इसलिए चिंता की बात नहीं है.

अधिकतर मामले झिजिआंग प्रांत में दर्ज किए गए हैं, जहां सरकार ने सभी बड़े शहरों में पोल्ट्री बाजारों को पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बाजारों की पूरी जांच होने के बाद ही उन्हें खोले जाने की अनुमति दी जाएगी. पोल्ट्री मालिकों के लिए यह बुरी खबर है क्योंकि साल के इस समय में वे सबसे ज्यादा कमाई की उम्मीद रखते हैं.

China Vogelgrippe H7N9

मुर्गियों की जांच में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी

20,000 मुर्गों की हत्या

चीन में इस शुक्रवार से नए साल की शुरुआत होगी. इस मौके पर देश में लाखों श्रमिक अपने घर लौटते हैं. चालीस दिन तक चलने वाले त्योहार में ट्रेनें भरी हुई नजर आती हैं. ऐसे में सरकार को यह चिंता सता रही है कि अगर बर्ड फ्लू पर काबू ना पाया गया तो यह भीड़ से फैल भी सकता है. साथ ही कई लोग अपने साथ मुर्गियां भी ले कर जाते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिंता जताई है कि यह खतरनाक साबित हो सकता है.

हांग कांग में एहतियातन बीस हजार मुर्गों को मार दिया गया है. इन पर किए गए टेस्ट में एच7एन9 वायरस की पुष्टि हुई थी. अधिकारियों ने मुर्गियों को काले प्लास्टिक के थैले में डाल कर उन्हें गैस से मारा और तीन हफ्ते के लिए पोल्ट्री बाजार को बंद कर दिया. इस हफ्ते से शंघाई में भी मुर्गियां बेचना बंद कर दिया जाएगा. शहर में अब तक बर्ड फ्लू के आठ मामले दर्ज हुए हैं और चार लोगों की मौत भी हो चुकी है. इसे देखते हुए पोल्ट्री बाजार को कम से कम तीन महीने बंद रखने की बात कही गयी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इस बीमारी पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है. एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां एच7एन9 की जगह एच10एन8 वायरस के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गयी.

आईबी/एएम (एएफपी, डीपीए)

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