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दुनिया

चीन में जाकर नरम पड़े ट्रंप से सुर

उत्तर कोरिया के मुद्दे पर अकसर चीन को घेरने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बीजिंग पहुंच मिल कर काम करने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन मिलकर सुरक्षा की समस्याओं को हल कर सकते हैं.

अमेरिका और चीन ने ट्रंप के दौरे के मौके पर गुरुवार को उत्तर कोरिया, व्यापार, गैर कानूनी दवाएं और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर और सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई बैठक में ट्रंप से कहा कि दोनों देशों के रिश्ते "एक नई ऐतिहासिक शुरुआत के बिंदु पर" पहुंच गये हैं. ग्रेट हॉल ऑफ पीपल्स में शी ने कहा, "हम मानते हैं कि चीन-अमेरिका संबंध दोनों देशों के लोगों की भलाई के साथ साथ दुनिया की शांति, समृद्धि और स्थिरता की भलाई में भी हैं."

वहीं ट्रंप के बयान में भी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया. उन्होंने कहा, "हमारे अंदर क्षमता हैं कि हम आने वाले बहुत से सालों के लिए दुनिया की बहुत सारी समस्याओं को हल कर सकें. आपके प्रति मेरी भावनाएं बेहद गर्मजोशी से भरी हैं. हमारे बीच बहुत अच्छी कैमिस्ट्री है और मुझे लगता है कि हम लोग चीन और अमेरिका, दोनों के लिए जबरदस्त चीजें करने जा रहे हैं."

दोनों नेताओं ने पूरी दुनिया और खास कर अफगानिस्तान में स्थिरता कायम करने के लिए भी साथ काम करने का संकल्प जताया. उन्होंने गैरकानूनी अंतरराष्ट्रीय ड्रग कारोबार के खिलाफ लड़ने का इरादा भी जाहिर किया. दोनों देश उत्तर कोरिया पर परमाणु हथियार छोड़ने का दबाव बढ़ाने के लिए भी सहमत हुए. हालांकि इससे पहले ट्रंप उत्तर कोरिया "पर्याप्त दबाव न बनाने" के लिए कई बार चीन की आलोचना कर चुके हैं. चीन पहुंचने से पहले उन्होंने दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में कहा, "सभी जिम्मेदार देशों को उत्तर कोरिया की क्रूर सरकार को अलग थलग करने के लिए एक साथ आना चाहिए." चीन और रूस उत्तर कोरिया के सबसे करीबी साझीदारों में शामिल हैं.

ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी चीन पर कई बार निशाना साधा था. अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालते ही ताइवान की राष्ट्रपति से टेलीफोन पर उनकी बातचीत भी चीन को बहुत नागवार गुजरी थी. साथ ही ट्रंप ने वन चाइना पॉलिसी पर सवाल उठाया था. हालांकि बाद में उन्होंने इसे मान लिया.

उधर, उत्तर कोरिया ने ट्रंप के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया के साथ कहा है कि अमेरिका को उन्हें सत्ता से बाहर कर देना चाहिए. उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया में ट्रंप को "पागल बूढ़ा" कहा गया है. हाल के महीनों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और निंदाओं के बावजूद उत्तर कोरिया की सरकार ने एक के बाद एक कई परमाणु और मिसाइल परीक्षण किये हैं. सोल में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ टकराव नहीं चाहता लेकिन टकराव होता है तो उससे भागेगा भी नहीं.

एके/एनआर (एपी डीपीए)

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