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ताना बाना

चीन ने पहले नंबर को नकारा

चीन ने उस रिपोर्ट को ठुकरा दिया है जिसमें उसे विश्व का सबसे अधिक ऊर्जा इस्तेमाल करने वाला देश बताया गया है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने ख़बर दी कि चीन अमेरिका को पीछे छोड़कर ऊर्जा के उपयोग में पहले नंबर पर चला गया है.

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मंगलवार को जारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल चीन की ऊर्जा खपत 2.25 अरब टन तेल के बराबर रही जबकि अमेरिका की ऊर्जा खपत 2.17 अरब टन के बराबर थी. इस तरह वह अमेरिका को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुंच गया है.

चीन ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा है कि एजेंसी के पास चीन में उपयोग होने वाली ऊर्जा के बारे में विश्वसनीय आंकड़े नहीं हैं. चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चीनी सांख्यिकी कार्यालय के हवाले से ख़बर दी है कि 2009 में चीन में 2.13 अरब टन तेल के बराबर ऊर्जा की खपत हुई.

Japan China Gasfeld Ostchinesisches Meer

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुख्य अर्थशास्त्री फ़ातिह बिरोल ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि उनके संगठन ने उन्हीं स्रोतों का इस्तेमाल किया है जो पिछले सालों में करता रहा है और आंकड़ों का विश्लेषण भी पहले की ही तरह किया है. उन्होंने कहा कि इस पर विवाद नहीं है कि चीन की ऊर्जा खपत तेज़ी से बढ़ रही है जबकि अमेरिका, यूरोप और जापान की खपत में स्थगन है. बिरोल ने कहा है कि इसके बावजूद अमेरिका में ऊर्जा की प्रति व्यक्ति खपत चीन के मुकाबले पांच गुनी है.

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार चीन की ऊर्जा ज़रूरतें पिछले दस सालों में दोगुनी से ज़्यादा हो गई है. इसकी वजह आबादी में वृद्धि के अलावा अर्थव्यवस्था का तेज़ी से बढ़ना भी है. चीन इन आरोपों को नकारता रहा है कि वह विश्व बाज़ार में क़ीमतों को चढ़ा रहा है और पर्यावरण प्रदूषण तथा कांच घर गैसों के बढ़ते उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है.

रिपोर्ट: एपीएन/महेश झा

संपादन: एन रंजन