चीन ने दिया अधिक जिम्मेदारी का संकेत | दुनिया | DW | 09.11.2012
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

चीन ने दिया अधिक जिम्मेदारी का संकेत

चीनी अर्थव्यस्था में फिर से तेजी आई. वहीं पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के मौके पर सीरिया पर चार सूत्री कार्यक्रम की पहल अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भूमिका निभाने के चीन के इरादे का संकेत है.

कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में भावी एजेंडा तय करते हुए रिटायर हो रहे राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इस बात के संकेत दिए कि चीन विश्व मंच पर अधिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार है. संयुक्त राष्ट्र ने चीन की सीरिया पहल का स्वागत किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तौर पर उस पर ज्यादा बहस नहीं हुई है. दूसरी ओर पर्यवेक्षकों ने इसे चीन की छवि सुधारने की पहल बताया है. सीरिया पर पश्चिमी देशों का विरोध कर रूस का साथ देने के लिए उसकी काफी आलोचना हुई है.

नए नेताओं के चुनाव के मौके पर चीन ने पश्चिमी देशों को राहत पहुंचाते हुए अर्थव्यवस्था में भी सुधार के संकेत दिए हैं. कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस के मौके पर कई आंकड़े जारी किए हैं, जो दिखाते हैं कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फिर से तेज विकास की राह पर है. देश के सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार अक्टूबर में विकास दर सितंबर के 9.2 के मुकाबले 9.6 फीसदी रही जो इस बात का संकेत है कि चीन धीमे विकास से उबर रहा है. रिटेल बिक्री, संपत्ति में निवेश और महंगाई के आंकड़ों में बेहतरी आई है. लगातार सात तिमाहियों में विकास की दर धीमी होने और 7.4 फीसदी पर पहुंचने के बाद हालत सुधर रही है.

इन आंकड़ों से अंतरराष्ट्रीय बाजार भी चहके हैं. आईएचएस ग्लोबल इंसाइट के अर्थशास्त्रियों रेन शियानफांग और अलिएस्टर थॉर्नटन ने लिखा है, "कितना खूबसूरत डाटा है चीन के नए नेताओं के स्वागत के लिए." उनका कहना है कि अर्थव्यवस्था की स्थिरता ठोस जमीन पर लगती है. उपभोक्ता के खर्च करने का पैमाना रिटेल बिक्री होती है और अक्टूबर में एक साल पहले के मुकाबले 14.5 फीसदी की वृद्धि हुई. सितंबर में यह 14.2 फीसदी थी. संरचना के विकास पर हो रहे खर्च को मापने का पैमाना होता है तय सम्पत्ति में निवेश. इसमें साल के दस महीनों में 20.7 फीसदी की बढ़त हुई.

मुद्रास्फीति को मापने वाला चीन का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अक्टूबर में गिरकर तीन साल के सबसे निचले स्तर 1.7 फीसदी पर पहुंच गया. पिछले सात महीनों में छह महीनों में यह गिरा है जिसकी वजह से चीन सरकार को मौद्रिक नीति में ढील देने का मौका मिला है. रेन और थॉर्नटन का मानना है कि आंशिक रूप में चीन की अर्थव्यवस्था में बेहतरी केंद्रीय बैंक के आक्रामक समर्थन का परिणाम है. "सरकार इस महीने में विकास दर में ढलान का जोखिम नहीं उठा सकती थी और ऐसा लगता है कि विकास को बढ़ाने की उनकी नीति में पिछले महीनों में तेजी आई."

अपने भाषण में हू जिंताओ ने घरेलू उपभोग को बढ़ाने के लिए आर्थिक सुधारों की मांग की ताकि देश में विकास का नया मॉडल बन सके. लेकिन उन्होंने सरकारी क्षेत्र की प्रमुखता पर भी जोर दिया जो देश की अर्थव्यवस्था को दशकों से लगातार खोले जाने के बावजूद मुख्य भूमिका निभा रही है. राष्ट्रपति ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सरकार की भागीदारी जरूरी है खासकर उन क्षेत्रों में जो आर्थिक क्षेत्र की जीवन रेखा है या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.

अक्टूबर के आंकड़े चीन को मौद्रिक नीति में और ढील देने की संभावना देते हैं लेकिन ताजा विकास को देखते हुए ऐसा लगता है कि उसकी जरूरत नहीं रह गई है. सिटिक बैंक के अर्थशास्त्री लिआओ चून कहते हैं, "आंकड़ों ने आर्थिक सुधार का ताजा सबूत दिया है, इसलिए सरकार वर्तमान बजटीय और मौद्रिक नीति को जारी रखेगी और दूसरे प्रयास बढ़ाने की जरूरत नहीं है." इस साल के आरंभ में अधिकारियों ने एक महीने के अंदर दो बार ब्याज दर घटाकर विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की थी. इसके अलावा बैंकों के कर्ज देने को आसान बनाने के लिए उनके द्वारा रखी जाने वाली अनिवार्य पूंजी को भी तीन बार घटाया गया था.

चीन का आर्थिक विकास इस बीच अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की नब्ज पहचानने का पैमाना बन गया है. ताजा आंकड़ों के बाद चीन में माल बेचने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी राहत की सांस लेंगी.

एमजे/ओएसजे (एपी, एएफपी)

DW.COM

WWW-Links

संबंधित सामग्री