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ताना बाना

चीन ने कहा, उत्सर्जन कटौती लक्ष्य पूरा

चीन ने कहा है कि उसने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली मुख्य गैसों में कमी का 2010 का लक्ष्य पूरा कर लिया है और वह ऊर्जा कुशलता लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है.

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पर्यावरण को बचाने की खास अपील

चीनी मीडिया ने बुधवार को यह बात देश के उच्च पर्यावरण अधिकारियों के हवाले से कही है. यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब मेक्सिको के कानकुन शहर में दुनिया भर के पर्यावरण अधिकारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के लिए मिले हैं.

पिछले सप्ताह चीन ने पहली बार स्वीकार किया कि वह अमेरिका को पीछे छोड़कर ग्रीन हाउस गैसों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्सर्जक बन गया है. इन गैसों को जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए जिम्मेदार माना जाता है. प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में अमेरिका अब भी चोटी पर है.

चीन के सरकारी अखबार पीपल्स डेली के अनुसार ऊर्जा कुशलता बढ़ाने के चीन के प्रयासों से 49 करोड़ टन कोयले की बचत हुई और 2006-2009 के बीच 1.13 अरब टन कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ. अखबार ने पर्यावरण अधिकारी शी झेनहुआ के हवाले से लिखा है कि मुख्य प्रदूषकों के उत्सर्जन में 10 प्रतिशत की कमी आई.

चीन ने 2005 के स्तर से प्रति यूनिट सकल घरेलू उत्पाद ऊर्जा खपत में इस साल के अंत तक 20 प्रतिशत की कमी और 2020 तक 40-45 प्रतिशत कमी का लक्ष्य तय किया है. शी ने कहा कि चीन 2006-2010 की अवधि में इस लक्ष्य को लगभग पूरा कर लिया है. इस अवधि सकल घरेलू उत्पाद के प्रति 10 हजार युआन के लिए ऊर्जा की खपत 1.22 टन से घटकर 1 टन रह गई है.

चीन उत्सर्जन में ठोस कटौती मानने से पश्चिमी देशों के मुकाबले प्रति व्यक्ति कम ऊर्जा खपत का हवाला देकर इनकार करता रहा है. उसका कहना है कि विकसित देशों को ग्लोबल वॉर्मिंग रोकने के विश्वव्यापी प्रयासों का मुख्य बोझ उठाना चाहिए.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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