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विज्ञान

चीन को हुई मरते हाथियों की फिक्र

क्या हाथीदांत से बनी सुंदर नक्काशी वाली चीजें खरीदते समय कभी सोचा है कि इसके लिए दुनिया के किसी कोने में हाथियों की जान ली जा रही है. चोरी के हाथीदांत के सबसे बड़े बाजार चीन ने अब अपनी जिम्मेदारी पहचानी है.

तस्करी को बढ़ावा देने के बार बार लगते आ रहे आरोपों के बाद चीन ने पहली बार एक साफ संदेश देने की कोशिश की है. सोमवार को प्रशासन ने जनता के सामने करीब 6.2 टन जब्त किए हुए हाथीदांत को कुचल कर नष्ट कर दिया. जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों का आरोप है कि चीन में इस वर्जित माल की बढ़ती मांग का अफ्रीका में हाथियों के शिकार से सीधा संबंध है. इस प्रतीकात्मक आयोजन के बारे में कंवेंशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड इन इंडेंजर्ड स्पीशीज (सीआईटीइएस) के महासचिव जॉन स्कानलोन कहते हैं, "चीन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर एक बहुत ही शक्तिशाली संदेश भेज रहा है कि वह हाथी दांत के अवैध व्यापार को बिल्कुल सहन नहीं करेगा."

बढ़ती जा रही है तस्करी

विश्व वन्यजीव कोष के अनुसार चीन दुनिया में चोरी के हाथीदांत का सबसे बड़ा बाजार है. तस्करी की रोकथाम के काम में लगे हुए अधिकारियों का मानना है कि अभी चीन को बहुत काम करने की जरूरत है. चीन के कस्टम विभाग में तस्करी के खिलाफ काम कर रहे शोधकर्ता यांग लुईंग बताते हैं कि चीन में हाथीदांत की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं. लुईंग कहते हैं, "हमें इस क्षेत्र में और कठोर प्रयास करने की जरूरत है. मैं कह सकता हूं कि हर साल इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है."

देश में संकटग्रस्त प्रजातियों के आयात और निर्यात के प्रबंधन से जुड़े कार्यालय के एक अधिकारी ने चीन की समाचार एजेंसी शिनहुआ को नवंबर में बताया था कि पिछले करीब 50,000 सालों से चीन में हाथीदांत से कई चीजें बनाई जाती रही हैं. हाथीदांत के चूरे का भी चीनी दवाईयों में इस्तेमाल होता है.

चीन ने 1981 में ही सीआईटीइएस के साथ हाथीदांत के वैश्विक कारोबार को रोकने के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. 2008 में चीन ने इस संघ से छूट लेकर विभिन्न अफ्रीकी देशों से करीब 62 टन हाथीदांत खरीदा. तब से हर साल इस भंडार का एक छोटा सा हिस्सा सरकारी लाइसेंस वाली हाथीदांत की नक्काशी का काम करने वाली फैक्ट्रियों को दिया जाता रहा है. चीन कहता आया है कि फैक्ट्रियां सिर्फ वैध तरीके से लाये गये हाथीदांत का ही इस्तेमाल करती हैं और वे किसी भी तरह अफ्रीका में हाथियों के शिकार को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं है.

नहीं बचेंगे हाथी

'सेव द एलिफेंट्स' नाम के सरंक्षण समूह का कहना है कि चीन की बढ़ती आबादी और अर्थव्यवस्था के साथ ही हाथी दांत की मांग भी बढ़ी है.

कुछ महीने पहले सीआईटीइएस से जारी एक सूची में चीन भी उन देशों में शामिल था जो दुनिया भर में अवैध हाथीदांत के प्राथमिक स्रोत, आवाजाही और आयात के केंद्र हैं. तबसे चीन पर इस दिशा में कदम उठाने के लिए काफी दबाव रहा है. वैसे तो चीन ने साफ कहा है कि वह हाथी दांत की तस्करी के आरोपियों को जीवन भर के लिए जेल में बंद कर देगा लेकिन यह बात साफ नहीं की है कि हाथी दांत के कारोबार को भी तुरंत बंद करेगा या नहीं.

सीआईटीइएस के एक निगरानी कार्यक्रम में पता चला है कि सिर्फ 2012 में ही करीब 22,000 हाथियों को अवैध रूप से मौत के घाट उतार दिया गया. अफ्रीकी हाथियों की कुल संख्या घटकर अब चार से छह लाख के बीच ही रह गई है. चीन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हांग कांग में 23 जनवरी को इस विषय पर चर्चा होनी है कि उसके जब्त किए हुए 32.6 टन हाथी दांत का निपटारा कैसे किया जाए. हांग कांग का हाथीदांत की अवैध आवाजाही के लिए एक प्रमुख केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

आरआर/आईबी (रॉयटर्स)

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