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दुनिया

चीन के पड़ोसियों से सैन्य सहयोग

अमेरिका ने आसियान देशों को जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद देने का प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री का कहना है कि आपदाओं से निपटने के लिए सेनाओं को साथ आना होगा. इसे चीन की घेराबंदी के तौर भी देखा जा रहा है.

अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ पहली बैठक की मेजबानी करते हुए सेनाओं को साथ लाने पर जोर दिया. होनोलुलू में दक्षिणपू्र्वी एशिया के नेताओं से बात करने के बाद हेगल ने कहा, "इन प्राकृतिक आपदाओं के पीछे के विज्ञान को हम जितना ज्यादा समझेंगे उतना ही ज्यादा हम साथ कर एक दूसरे की मदद कर पाएंगे." अमेरिकी नेता के मुताबिक आसियान देशों की सेना और अमेरिकी सेना मानवीय राहत कार्यों में मदद के लिए साथ आ रही है, लेकिन इसे और बढ़ाये जाने की जरूरत हैं, "हम और ज्यादा कर सकते हैं."

होनोलुलू में अमेरिकी मौसम शोध केंद्र है. केंद्र प्रशांत महासागर में समुद्र के जलस्तर और सूनामी पर नजर रखता है. इसी हफ्ते जारी हुई आईपीसीसी की रिपोर्ट में एशिया प्रशांत इलाके पर जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के बुरे असर की बात कही गई है. संयु्क्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी को आशंका है कि आने वाले दशक में इस इलाके में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या और बढ़ेगी. बाढ़, चक्रवाती तूफान और सूखे जैसी समस्याएं ज्यादा सामने आएंगी.

अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी राजीव शाह के मुताबिक ऐसी आशंकाओं के बीच सरकारों को मिलकर काम करने और राहत व बचाव कार्यों की साथ रिहर्सल करने की जरूरत है.

Besuch des US-Verteidigungsminister Chuck Hagel

अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल

यह पहला मौका है जब अमेरिका ने आसियान के रक्षा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की है. अमेरिकी रक्षा मंत्री इसे एक तीर से दो शिकार के तौर पर देख रहे हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से दक्षिणपूर्व एशिया में चीन की ताकत को भी नियंत्रण में रखा जा सकेगा. आसियान के कई देश दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के आक्रामक अंदाज से नाराज हैं.

हाल के समय में अमेरिकी सेना ने भी एशिया में राहत और बचाव कार्यों के सहयोग बढ़ाया है. पानी, खाने और जरूरी सामान की आपूर्ति के लिए अमेरिका दक्षिण पूर्व एशिया में अपने नौसैनिक जहाज भेज रहा है. ऐसी कोशिशों से वॉशिंगटन आपसी भरोसा बेहतर करने की कोशिश कर रहा है और साथ ही चीन को संदेश भी दे रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री चीन और जापान के बीच झगड़े का केंद्र बने पूर्वी चीन सागर के दो द्वीपों पर भी जा रहे हैं. अमेरिका प्रशांत महासागर क्षेत्र में ज्यादा युद्धपोत तैनात करने की बार बार बात कर रहा है. लेकिन इसके लिए होने वाले भारी भरकम खर्च को लेकर भी वॉशिंगटन चिंता की मुद्रा में दिख रहा है.

ओएसजे/एएम (एएफपी)

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