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मनोरंजन

चीन की अभागी मां

उसके जिगर के टुकड़े का अपहरण हो गया था. उसकी खोज में मां ने अपनी शादी खराब कर ली, घर परिवार छोड़ दिया. 17 साल बाद बेटा मिल गया. लेकिन अपनी ही मां को ठुकरा दिया.

दिल को जख्मी कर देने वाली यह कहानी चीन की है. अब 59 साल की हो चुकी यी जिनजियु की कैसी बदकिस्मती है. ऐसे हालात में ही दुनियावी रस्मों पर से यकीन उठता है. लेकिन मां तो मां होती है. यी इसे साबित करती हैं. वह दूसरे खोये हुए बच्चों की तलाश में मदद करती हैं. यी का कहना है, "कोई आपका दिल निकाल ले, तो भी बर्दाश्त हो सकता है लेकिन अपने बच्चे का अपहरण बर्दाश्त नहीं होता."

चीन में हर साल लाखों बच्चे गायब हो जाते हैं. आम तौर पर लड़कों का अपहरण कर लिया जाता है. बाद में उन्हें ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता है. चीन में एक बच्चे की नीति है और पितृ सत्तात्मक समाज में लड़कों की अहमियत ज्यादा है. कई परिवार वाले लड़की पैदा होने के डर से परिवार नहीं बढ़ाते और लड़के खरीद लेते हैं.

दिल से बड़ा बेटा

यी फुजहाऊ शहर के बस स्टॉप पर एक विशालकाय इश्तिहार लिए खड़ी हैं. इस पर गुमशुदा बच्चों की जानकारी है. अपने जज्बात को निकालने के लिए पता नहीं कहां से उन्हें अल्फाज मिलते हैं, "अगर कोई आपका दिल चीर दे, तो इसमें बस एक सेकंड लगता है. आप मर जाते हैं और फिर कुछ पता नहीं होता. लेकिन अगर आपका बच्चा गायब हो गया और उसका पता नहीं चल रहा, तो हर दिन जैसे ही आप उठते हैं, आपका दिल बैठ जाता है."

चीन की सरकार गुमशुदा बच्चों के आंकड़े जारी नहीं करती लेकिन हर रोज कई बच्चों को बरामद किया जाता है. पिछले साल अक्टूबर तक 10 महीने में 24,000 बच्चों को छुड़ाया गया. कई बच्चों को गरीब इलाके से अपहरण कर लिया जाता है और रईसों को बेच दिया जाता है.

लाखों का अपहरण

गुमशुदा बच्चों के लिए काम करने वाले बीजिंग के पत्रकार देंग फाई का कहना है कि हर साल लाखों बच्चों का अपहरण किया जाता है और उन्हें लाखों युआन में बेच दिया जाता है. उनका कहना है कि सही आंकड़े किसी के पास नहीं हैं. एक वेबसाइट पर करीब 14,000 परिवारों ने अपने बच्चों के गायब होने की बात कही है. गरीब इलाकों के लोग आम तौर पर काम करने बड़े शहरों में चले जाते हैं और पांच में से दो बच्चों को दादा दादी या नाना नानी के साथ रहना पड़ता है. ऐसे में उनकी सुरक्षा प्रभावित होती है.

पुलिस भी कई बार बच्चों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती क्योंकि वह आम तौर पर इस मामलों को हल नहीं कर पाती और इससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ता है. इन बातों के अलावा पूरे तंत्र में ऐसी अराजकता फैली है कि चीजों को सुधारना आसान नहीं. दिसंबर में एक डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिस पर सात बच्चों को बेचने का आरोप है. इस डॉक्टर ने बच्चों के मां बाप से कहा था कि उनके बच्चों को गंभीर बीमारी है और उनके बचने की संभावना नहीं है.

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