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चीन का गिलगित मे मौजूदगी से इनकार

चीन ने इन रिपोर्टों को गलत बताया है कि उसके लगभग 11 हजार सैनिक पाकिस्तानी कश्मीर के गिलगित इलाके में मौजूद हैं. चीन के मुताबिक ऐसी बेबुनियादी रिपोर्टों का मकसद भारत और पाकिस्तान के साथ चीन के रिश्तों को खराब करना है.

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चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चियांग यू के हवाले से लिखा है, "हम समझते हैं कि कुछ लोग चीन-पाकिस्तान और चीन-भारत संबंधों को भड़काने के लिए इस तरह मनगढंत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं." चीन के विदेश मंत्रालय का यह बयान अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के जवाब में आया है जिसके मुताबिक चीन ने पाकिस्तान के गिलगित बाल्टिस्तान में 10 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात कर रखे हैं.

बुधवार को चीन में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने भी चीनी सैनिकों की मौजूदगी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि चीन की एक मानवीय राहत टीम बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए गिलगित में जरूर मौजूद है. चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स डेली के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "यह रिपोर्ट सच नहीं है. पूरी तरह मनगढंत है."

इससे पहले 26 अगस्त को न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार में प्रकाशित एक लेख में सेलिग हैरिसन ने दावा किया है कि गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के 10 हजार सैनिक मौजूद हैं. अख़बार लिखता है, "चीन रणनीतिक क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है ताकि वह पाकिस्तान से होकर सड़क और रेल मार्ग के जरिए खाड़ी तक पहुंच सके. इसलिए वह तेज रफ्तार रेल और सड़क मार्ग बनाने में जुटा है." इसके सहारे चीन अपने पूर्वी इलाके से माल और तेल टैंकरों को सिर्फ 48 घंटे में बलूचिस्तान में ग्वादर, पासनी और ओरमारा में पाकिस्तान नौसैनिक ठिकानों तक पहुंचा सकेगा. ग्वादर में पाकिस्तानी नौसेना का ठिकाना चीन की मदद से तैयार किया गया है और यह खाड़ी के बिल्कुल करीब है.

लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं. वह कहते हैं, "सेलिग हैरिसन की पाकिस्तान विरोधी मानसिकता से हर कोई वाकिफ है. इसलिए तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रकाशित करने से शायद ही किसी को हैरानी हो. न ही हम इस बात से हैरान हैं कि हैरिसन के इस लेख पर भारत बखेड़ा खड़ा कर रहा है." अब्दुल बासित के मुताबिक पाकिस्तान के अनुरोध पर चीन काराकोरम राजमार्ग की मरम्मत करने में मदद कर रहा है क्योंकि हाल के दिनों में बाढ़ की त्रासदी और भूस्खलन के चलते इसे काफी नुकसान हुआ है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम