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मनोरंजन

चीनी सैलानियों के बर्ताव पर बहस

चीन में आर्थिक विकास के साथ विदेश जाने वाले चीनियों की संख्या बढ़ रही है. इसके साथ ही वे विवादों में भी घिर रहे हैं, कभी होटल में डिस्काउंट के लिए जाली सर्टिफिकेट देने के लिए तो कभी बच्चों को गलती करने से न रोकने के लिए.

चीन में अत्यंत लोकप्रिय माइक्रोब्लॉगिंग साइटों के चलते विदेशों में सही बर्ताव न करने वाले चीनी सैलानियों के बारे में सूचनाएं पूरे देश में जंगल के आग की तरह तुरंत फैल जाती है, और उससे असंतोष और नाराजगी तो पैदा होती ही है, सोच विचार भी होता है. पहले इस तरह की रिपोर्टों को अच्छे स्वभाव वाले चीनी सैलानियों पर हमला कह कर खारिज कर दिया जाता था, लेकिन अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में लोग पूछने लगे हैं कि उनके देशवासी इस तरह का बुरा बर्ताव क्यों करते हैं.

Vandalismus in Luxor

लक्सर में मंदिर की दीवार पर नाम

पर्यटकों का बर्ताव

चीन की सोशल साइंस अकादमी में पर्यटन रिसर्च सेंटर में काम करने वाले रिसर्चर लिऊ सीमिन कहते हैं, "सच कहें तो हमारे टूरिस्ट अपेक्षाकृत कम सभ्य चरित्र वाले हैं." वे कहते हैं, "विदेशों की यात्रा नई लक्जरी है, जो चीनी अब इसका खर्च उठा सकते हैं, वे एक दूसरे से तुलना करते हैं और दिखावा करना चाहते हैं. बहुत से चीनी पहली बार विदेश जा रहे हैं और आम तौर पर कम अनुभवी और विदेशी नियम कायदों से अनभिज्ञ होते हैं."

अभी पिछले दिनों जब यब स्टोरी छपी कि 15 वर्षीय चीनी किशोर ने मिस्र के लक्सर में 3,500 साल पुराने मंदिर में अपना नाम खोद दिया, तो इस पर इतना हंगामा हुआ कि लड़के के पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी.

विदेश मंत्रालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इसके बारे में सवाल पूछे गए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "अधिक से अधिक चीनी पर्यटक हाल के सालों में विदेशों की यात्रा पर जा रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इससे दूसरे देशों के साथ दोस्ती बेहतर होगी और हमें यह भी उम्मीद है कि चीनी पर्यटक स्थानीय नियम कायदों का पालन करेंगे और अच्छा बर्ताव करेंगे."

Chinesische Studenten in Taiwan

ताइवान में चीनी पर्यटक

चीनी पर्यटकों के साथ जुड़ी दूसरी घटनाओं पर भी इसी तरह के गुस्से का इजहार हुआ. ताइवान में हाल में एक मां ने काओह सिऊंग हवाई अड्डे पर टॉयलेट के नजदीक ही अपने बच्चे को टॉयलेट करा दिया. इस तरह की घटनाओं से होने वाली हैरानी और शर्मिंदगी अब सरकार के उच्च पदों तक पहुंच चुकी है, जो अब तक एक सुसंस्कृत उभरती शक्ति की छवि पेश कर रहे थे, जिसकी बढ़ती समृद्धि से पूरी दुनिया को फायदा पहुंचेगा.

सरकार का हस्तक्षेप

चीन की छवि के बिगड़ने के खतरे को भांपकर इस महीने चीन के उप प्रधानमंत्री वांग यांग ने कुछ चीनी पर्यटकों के असभ्य व्यवहार की आलोचना की. इसे पूरे देश की मीडिया में व्यापक रूप से जगह दी गई. उन्होंने कहा, "वे सार्वजनिक जगहों पर बुरी तरह हो हल्ला करते हैं, टूरिस्ट स्पॉट पर अपना नाम गोद देते हैं, सड़क पार करते समय लाल बत्ती को नजरअंदाज करते हैं और कहीं भी थूक देते हैं. यह हमारी राष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाता है और इसका बुरा असर होता है."

Chinesische Touristen in München

म्यूनिख में चीनी पर्यटक

केंद्रीय सरकार ने अपनी वेबसाइट पर फिर से पर्यटकों के अच्छे बर्ताव पर दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसमें ठीक ढंग के कपड़े पहनना, लाइन में लगना और हल्ला न करना शामिल है. निश्चित तौर पर चीन के नए धनी वर्ग के दुनिया भर में सैर सपाटे पर निकलने से आर्थिक लाभ भी मिल रहा है जिसका बहुत से देशों में स्वागत किया गया है. और ज्यादातर पर्यटक अच्छा व्यवहार करते हैं और लोगों के साथ आदर से पेश आते हैं. पिछले साल 8.3 करोड़ चीनी पर्यटकों ने विदेशी यात्रा की और चीनियों ने इस पर 102 अरब डॉलर खर्च किए. विश्व पर्यटन संगठन का कहना है कि विदेशी दौरे पर खर्च के मामले में चीन पहले नंबर पर रहा. अनुमान है कि 2020 तक हर साल 20 करोड़ चीनी विदेशों में छुट्टियां बिताएंगे.

पहले अमेरिकी, जापानी और ताइवान के सैलानियों पर भी खराब व्यवहार के आरोप लग चुके हैं. ये आरोप भी तब लगे जब उनके पास पहली बार पैसा आया था और वे पहली बार विदेश के दौरे पर निकलते थे. पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि समय बीतने के साथ आदतें बदल जाएंगी और शिकायतें भी कम हो जाएंगी. झेजियांग यूनिवर्सिटी की टूरिज्म विभाग की प्रोफेसर वांग वानफाई कहती हैं, "सैर सपाटा पर्यटकों के लिए सीखने का अनुभव होता है." इस दौरान वे स्थानीय संस्कृतियों को स्वीकार करना और अपनी बुरी आदतों से छुटकारा पाना सीखते हैं.

एमजे/एजेए (रॉयटर्स, एपी)

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