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ताना बाना

चीनी सरकार युआन की मांग पूरी करने में असमर्थ

चीन में दुनिया का सबसे बड़ा मुद्रा टकसाल है लेकिन वह भी देश में युआन की मांग पूरी करने में असमर्थ है. चीन की सेंट्रल बैंक ने बताया कि तेजी से ऋण लिए जाने और विदेशी मुद्रा के देश में आने के कारण यह हो रहा है.

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सेंट्रल बैंक की वेबसाइट पर उप गवर्नर मा डेलुन ने कहा कि बीजिंग मुद्रा की कीमत काबू में करने और अर्थव्यवस्था में बहुत ज्यादा आ रही मुद्रा को कम करने की कोशिश कर रहा है.

चीन ने मुद्रा छापने के लिए तीस हजार अतिरिक्त लोगों को काम पर रखा है और उन्हें ज्यादा काम करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है ताकि जरूरी युआन बाजार में आ सके. मा कहते हैं कि युआन की मांग हर साल 20 फीसदी की दर से बढ़ रही है. लेकिन सरकारी टकसाल युआन की छपाई आपूर्ति पूरी नहीं कर पा रहा है. नवंबर के अंत से चीन में सवा चार हजार अरब युआन बाजार में है. इसमें बैंक डिपॉजिट शामिल नहीं है. यह 2005 की तुलना में सवा दो हजार अरब से ज्यादा है.

बाजार में मुद्रा की अधिकता की वजह चीनी निर्यात में तेज वृद्धि के अलावा विदेशी निवेश में बढ़ोत्तरी, बैंक कर्जों में तेज वृद्धि और चीन में विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोत्तरी है. डॉलर के सामने युआन के मुक्त व्यापार की बजाए चीन ने मुद्रा कम करने का दूसरा तरीका अपनाया है. इसी कारण कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ी हैं. महंगाई रोकने के लिए दिसंबर में चीन की केंद्रीय बैंक ने तीन महीने के अंदर दूसरी बार ब्याज दर बढ़ाई है, बैंकों को ज्यादा से ज्यादा धन रिजर्व में रखने का आदेश दिया है और कर्ज देने की सीमा कम कर दी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः महेश झा

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