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दुनिया

चीनी संसद प्रमुख का अहम हांगकांग दौरा

चीनी संसद के अध्यक्ष झांग देजियांग एक आर्थिक सम्मेलन में भाग लेने हांगकांग पहुंचे हैं. 2014 में हुए ऑक्युपाई डेमोक्रेसी प्रदर्शन के बाद पहली बार कोई वरिष्ठ चीनी अधिकारी हांगकांग के दौरे पर है.

हांगकांग में '​बेल्ट एंड रोड सम्मेलन' हो रहा है जो इलाके के विकास के लिए सिल्क बेल्ट और सिल्क रोड का इस्तेमाल करने की पहलकदमी है. इस सम्मेलन का मकसद चीन के व्यापार को एशिया, मध्यपूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ाना है. लेकिन झांग देजियांग का यह दौरा हांगकांग के राजनीतिक माहौल के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. हांगकांग में पिछले दौर में स्वायत्तता बढ़ाए जाने और यहां तक कि चीन से आजादी को लेकर राजनीतिक आवाजें तेज होती रही हैं.

झांग देजियांग ने कहा है कि वे हांगकांग के सभी तबकों से उनकी राजनीतिक मांगों को लेकर बातचीत करेंगे, ''मैं समाज के हर तबके के उन सुझावों और मांगों को ​सुनुंगा जिसकी जरूरत देश और हांगकांग के विकास को है.''

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के तीसरे सबसे बड़े नेता झांग देजियांग की यात्रा के चलते पूरे शहर में तनाव की स्थिति है. स्थिति पर नियंत्रण के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस ने अपना कैंप ठीक उस पहाड़ी पर लगाया है जहां दो साल पहले लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने अपना बैनर लगाया था. लेकिन मंगलवार की सुबह एक दूसरी पहाड़ी की चोटी पर प्रदर्शनकारियों ने ''सच्चे सार्वभौमिक मताधिकार'' की मांग करते हुए अपना बैनर लटकाया है.

चीन के सरकारी समाचारपत्र में अपने एक आलेख में हांगकांग के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे रेजीना आईपी ने लिखा है, ''इन युवाओं को इस बात का कतई अंदाजा नहीं है कि ये हांगकांग को मुख्यभूमि के साथ टकराव की एक खतरनाक दिशा में लेकर जा रहे हैं जिससे निरंतर तबाही होती रहेगी.''

2014 के ऑक्युपाई प्रदर्शनों में कई आंदोलनकारियों की ओर से चीन से स्वतंत्र देश बनाए जाने की मांग भी उठी थी. हाल ही में बनी लोकतंत्र समर्थक नेशनल पार्टी के प्रमुख चान होटिन कहते हैं, ''हमें चीन से हमेशा से खतरा है. हमारी संस्कृति, हमारी भाषा, हमारे लोग सब कुछ मर रहा है. या तो हम चीन का महज एक शहर बन कर रह सकते हैं या फिर एक स्वतंत्र देश. हमारे पास यही दो विकल्प हैं.''

चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि हांगकांग की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा चीन के सहारे चलता है. साथ ही भोजन, पानी और बिजली के लिए भी हांगकांग चीन पर निर्भर है. ऐसे में चीन से आजादी हांगकांग की सुरक्षा, समृद्धि, और स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगी. चीन की संसद में हांगकांग के प्रतिनिधि माइकल तिएन का कहना है, ''देजियांग उन सारे ही लोकतंत्र समर्थकों को सकारात्मक संदेश दे सकते हैं जो चीन के साथ वार्ता करने के ​इच्छुक हैं. यह उनके ​अभियान का सबसे अहम हिस्सा होना चाहिए.''

आरजे/एमजे (रॉयटर्स)

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