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विज्ञान

चीनी का सेवन करें आधा

क्या आपने कभी हिसाब लगाया है कि चाय, कॉफी, दूध और कोल्ड ड्रिंक मिला कर आप दिन भर में कितनी चीनी पी जाते हैं? छह चम्मच से ज्यादा चीनी मीठे जहर का काम कर सकती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने नए मानक तैयार कर कहा है कि स्वस्थ रहने के लिए लोगों को चीनी का सेवन आधा करना होगा. नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर लोग मधुमेह, दांतों की सड़न और मोटापे की बीमारी का शिकार होने से बचना चाहते हैं तो उन्हें दिन भर में छह चम्मच से कम चीनी ही लेनी चाहिए. इसमें फलों में मौजूद चीनी को भी शामिल किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी डब्ल्यूएचओ का कहना है कि दिन में कुल कैलोरी का केवल पांच फीसदी हिस्सा ही चीनी से आना चाहिए. अब तक यह सीमा दस फीसदी रखी गयी थी. डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य मामलों के निदेशक फ्रांसेस्को ब्रांका ने इस बारे में कहा, "दुनिया में आधे अरब से ज्यादा लोग मोटापे की बीमारी का शिकार हैं और यह बीमारी हर आयु वर्ग में बढ़ रही है, खास तौर से कम और औसत आमदनी वाले देशों में."

फ्री शुगर से बचें

छह चम्मच का मतलब है करीब 25 ग्राम चीनी. ध्यान देने लायक बात यह है कि अगर आप शहद ले रहे हैं या फिर फलों का रस पी रहे हैं, तो उसमें मौजूद मीठे की मात्रा को गिनना भी जरूरी है. इसे फ्री शुगर कहा जाता है. फ्री शुगर में मोनोसैक्राइड और डायसैक्राइड मौजूद होते हैं. पैक्ड फूड में भी इन्हें मिलाया जाता है. जैम और टोमैटो केचप जैसी चीजों में भी इनका इस्तेमाल होता है.

Ramadan in Deutschland

एक दिन में 25 ग्राम से ज्यादा चीनी ना लें.

फ्री शुगर के अत्यधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है और मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां भी हो सकती हैं. इन बीमारियों के कारण हर साल दुनिया भर में कम से कम 3.6 करोड़ लोगों की जान जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है, "इस बात को ले कर चिंता बढ़ रही है कि फ्री शुगर के सेवन से कुल कैलोरी बढ़ जाती है और लोग सही मात्रा में स्वस्थ आहार नहीं ले पाते हैं." रिपोर्ट में कोल्ड ड्रिंक को ले कर सबसे ज्यादा चिंता जताई गयी है.

धूम्रपान से भी हानिकारक

ब्रांका से जब पूछा गया कि क्या वे चीनी के सेवन की तुलना तंबाकू सेवन से करेंगे तो उन्होंने कहा कि अगर लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे खतरे को देखा जाए तो वसा, नमक, कसरत ना करना और चीनी लेना धूम्रपान करने से भी ज्यादा हानिकारिक साबित हो सकता है. ब्रांका ने कहा कि रिपोर्ट में वयस्कों पर ध्यान दिया गया है लेकिन यह जरूरी है कि बच्चों में भी चीनी और चीनी मिली चीजों के सेवन पर ध्यान दिया जाए, "इस दिशा में कदम उठाने की सबसे ज्यादा जरूरत है."

उन्होंने कहा कि वे इस बात को समझते हैं कि इस तरह की रिपोर्ट चीनी इस्तेमाल करने वाले उत्पादकों के लिए निराशा ले कर आई है, पर लोगों के हित में यही होगा कि बाजार में बदलाव लाया जाए. खास तौर से लोगों को कोल्ड ड्रिंक से दूर रहने की हिदायत दी जाए.

पिछले महीने आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि एक दिन में सात या उससे ज्यादा ग्लास कोल्ड ड्रिंक पीने वाले लोगों में हृदय रोग के कारण जान जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

आईबी/एएम (एएफपी/रॉयटर्स)

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