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विज्ञान

चीनी अमेरिकी भाई भाई

क्या कोई सपने में भी सोच सकता है कि चीनी और अमेरिकी कभी रिश्तेदार रहे होंगे. लेकिन यह सच है, चीन में पाई गई एक हड्डी पर रिसर्च क्या हुआ, बिलकुल नई रिश्तेदारी निकल आई.

ताजा वैज्ञानिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा एशियाई और मूल अमेरिकी नागरिकों (रेड इंडियंस) लोगों के डीएनए के बाद पाया गया कि दोनों करीब 40,000 साल उनके पुरखे एक ही थे, जो चीन में रहते थे.

इस रिसर्च के लिए चीन की तियानयुआन गुफा में 2003 में मिली टांग की हड्डी के न्यूक्लियर और माइट्रोकॉन्ड्रिया की डीएनए जांच की गई. हड्डी की मदद से वैज्ञानिकों ने उस इंसान की जेनेटिक बनावट दोबारा तैयार कर ली.

जर्मनी के माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट के इस रिसर्च में काम करने वाली स्वांति पाबो का कहना है, "यह इंसान बदलाव के एक दिलचस्प दौर में जी रहा था. उस वक्त इंसान प्राचीन काल के निएंदरथाल की रूप और बनावट छोड़ रहा था और डेनिसोवन काल की ओर बढ़ रहा है. बाद में डेनिसोवन मानव भी लुप्त हो गए."

हजारों साल पुरानी इस हड्डी का अध्ययन करने पर पता चलता है कि आधुनिक एशियाई और मूल अमेरिकी दोनों ही लोगों से इसकी समानताएं हैं. जीन पर आधारित विश्लेषणों में यह भी तय हो चुका है कि बीजिंग में रहने वाले प्राचीन मानव और मौजूदा यूरोपीय नस्ल के पुरखे एक थे. यानी अमेरिकी, एशियाई और यूरोपीय सभी के पुरखे कभी न कभी एक रहे होंगे.

पहले वैज्ञानिकों ने यूरेशिया से मिले 40 से 50 हजार साल पुराने अवशेषों के रिसर्च के आधार पर कहा था कि बीजिंग में रहने वाले वे लोग आधुनिक मानव से काफी नजदीक रहे होंगे. पाबो ने कहा कि यूरेशिया में इस तरह के और अध्ययन इस बताने में मदद कर सकते हैं कि कब, कैसे और कहां से आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में फैले.

पुरखों, नस्लों और वंशजों पर आए दिनों नई बातें सामने आती हैं. हाल ही में पता चला है कि आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिण एशिया के पुरखे भी कभी एक रहे होंगे.

एसएफ/एजेए (एएफपी)

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