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दुनिया

चियाओबो ने थियानमन चौक के शहीदों समर्पित किया नोबेल

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लिऊ चियाओबो ने यह सम्मान 1989 में थियानमन चौक के शहीदों को समर्पित करने का फैसले किया है. इस नृशंस गोलीकांड के गवाह रहे लिऊ ने हजारों लोगों को बचाने का काम किया था.

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लिऊ चियाओबो

सरकार के खिलाफ विद्रोह के मामले में 11 साल के कारावास की सजा काट रहे लिऊ को हाल ही में इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है. इसके बाद अचानक दुनिया की नजरों में आए लिऊ की पत्नी लिऊ चिया को चीन पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया है.

लिऊ ने अपने पुरस्कार को थियानमन चौक पर पुलिस की गोलियों के शिकार हुए लोकतंत्र समर्थक छात्रों को समर्पित किया. अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स इन चाइना ने लिऊ की पत्नी के हवाले से यह जानकारी दी है. ट्विटर पर लिऊ चिया ने लिखा है कि उनके पति ने उनसे यह इच्छा जेल में मुलाकात के दौरान जाहिर की.

शुक्रवार को पुरस्कार की घोषणा के बाद शनिवार को लिऊ से मिलने वह जेल गी थीं. उस दौरान लिऊ ने कहा कि उन्होंने शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए अहिंसक आंदोलन चलाने वाले छात्रों को अपना सम्मान समर्पित करने का फैसला किया है.

हालांकि जेल से लौटते ही लिऊ की पत्नी को घर में नजरबंद कर पुलिस का पहरा सख्त कर दिया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "पुलिस ने मेरा मोबाइल फोन तोड़ दिया है. अब में किसी से संपर्क नहीं कर सकती."

सोमवार को लिऊ के घर के बाहर एक दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया गया जो घर से निकलने वाले लोगों से पूछताछ कर रहे हैं. पत्रकारों के घर में जाने पर पाबंदी लगा दी गई है. लिऊ चिया के फोन पर कॉल करने पर फोन उपयोग में न होने का संदेश सुनाई देता है.

दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले लिऊ चीन के पहले नागरिक हैं. अभी यह तय नहीं हो पाया है कि जेल में बंद लिऊ की तरफ से पुरस्कार ग्रहण करने कौन नॉर्वे जाएगा. इस बीच तमाम देशों ने चीन सरकार से लिऊ को नार्वे जाने के लिए जेल से रिहा करने की अपाल की है.

रिपोर्टः एजेंसियां/निर्मल

संपादनः वी कुमार

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