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विज्ञान

चिकित्सा का नोबेल

जेम्स रॉथमैन, रैंडी शेकमैन और थॉमस सुडॉफ को इस साल चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है. पहले दो वैज्ञानिक अमेरिकी हैं जबकि सुडॉफ का जन्म जर्मनी में हुआ. इसके साथ ही नोबेल पुरस्कारों का एलान शुरू हो गया है.

कोशिका अपना परिवहन तंत्र कैसे व्यवस्थित करती है, इस बारे में रिसर्च ने इन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार दिलाया है. स्वीडन की कैरोलिन्स्का इंस्टीट्यूट में नोबेल एसेंबली ने बयान में कहा है, "अपनी खोज से रोथमैन, शेकमैन और सुडॉफ ने कोशिकीय सामान की ढुलाई के विशिष्ट और सूक्ष्म नियंत्रण तंत्र को दिखाया." रोथमैन येल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं जबकि शेकमैन बेर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में और सुडॉफ ने 2008 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में काम करना शुरू किया.

इन वैज्ञानिकों को पुरस्कार के रूप में 80 लाख क्रोनर यानी करीब 7.5 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी जो इनमें बराबर-बराबर बांटी जाएगी. 2012 में मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार ब्रिटेन के जॉन बी गरडॉन और जापान के शिन्या यामानाका को स्टेम सेल पर उनकी रिसर्च के लिए दिया गया था.

हर साल मेडिसिन के पुरस्कार के एलान के साथ ही नोबेल विजेताओं के नामों की घोषणा शुरू होती है. फिजियोलॉजी, मेडिसिन या चिकित्सा के लिए नोबेल पुरस्कार 1901 से लेकर अब तक 103 बार दिया गया है. इसमें 38 बार ऐसा हुआ कि विजेता एक से ज्यादा वैज्ञानिक रहे. 2012 तक कुल 201 लोगों को यह पुरस्कार मिला उनमें केवल 10 महिलाएं हैं. इसमें बारबरा मैक्लिंटॉक अकेली ऐसी महिला हैं जिन्हें अपना पुरस्कार बांटना नहीं पड़ा. चिकित्सा का नोबेल हासिल करने वालों में सबसे युवा वैज्ञानिक फ्रेडरिक जी बानटिंग हैं. 1923 में जब पुरस्कार मिला तब उनकी उम्र केवल 32 साल थी.

Medizin Nobelpreisträger Thomas Südhof

थॉमस सुडॉफ

मंगलवार को भौतिकी और बुधवार को रसायन के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा होगी. गुरुवार को साहित्य के नोबेल विजेता का नाम घोषित होगा और तब बारी आएगी शांति के नोबेल पुरस्कार की जिस पर पूरी दुनिया की निगाह टिकी है. इस साल पाकिस्तान की मलाला युसूफजई को नोबेल शांति का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. मलाला ने पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाई, जिसके कारण तालिबान ने उसके सिर में गोली मार दी थी. बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई गई और तब से वह पूरी दुनिया के लिए लड़कियों के हक की आवाज है. पिछली बार यूरोपीय संघ को इस पुरस्कार से नवाजा गया था और तब इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी आलोचना भी हुई थी.

सबसे आखिर में 14 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का एलान किया जाएगा. डायनामाइट की खोज करने वाले वैज्ञानिक और बड़े कारोबारी अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से शुरू हुए नोबेल पुरस्कार दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार माने जाते हैं और हर साल इसे हासिल कर कुछ नाम हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो जाते हैं. 1901 से इन पुरस्कारों को देने का सिलसिला शुरू हुआ.

एनआर/एएम (रॉयटर्स,एएफपी)

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