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दुनिया

'चांसलर दफ्तर पर हैकिंग हमला'

एक अखबार के अनुसार जर्मनी के चांसलर कार्यालय पर हैकिंग हमला हुआ है. चांसलर कार्यालय ने खबर का खंडन किया है. एनएसए एजेंट एडवर्ड स्नोडेन ने पिछले साल चांसलर अंगेला मैर्केल के फोन की जासूसी का रहस्योद्घाटन किया था.

जर्मनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले दैनिक 'बिल्ड' के अनुसार जर्मन चांसलर मैर्केल की एक डिवीजन प्रमुख के निजी कंप्यूटर से एक यूएसबी स्टिक के जरिए एक जासूसी सॉफ्टवेयर उनके दफ्तर वाले कंप्यूटर पर पहुंचा. रिपोर्ट के अनुसार मैर्केल की यह करीबी अधिकारी एक भाषण लिख रही थीं जिसे पूरा करने के लिए वह उसे यूएसबी स्टिक पर अपने घर ले गईं. अखबार के अनुसार यूरोप विभाग की प्रमुख अधिकारी यूरोपीय संघ की रणनीति पर भाषण लिख रही थीं. भाषण पूरा करने के बाद उन्होंने उसे यूएसबी स्टिक पर सेव किया और दफ्तर लेकर आईं. वायरस स्कैनर के अलार्म के बाद पाया गया कि यूएसबी स्टिक पर जासूसी सॉफ्टवेयर 'रेगिन' था. चांसलर कार्यालय के अतिसुरक्षा वाले कंप्यूटरों की जांच में और कोई कंप्यूटर संक्रमित नहीं पाया गया.

उप सरकारी प्रवक्ता क्रिस्टियाने विर्त्स ने सोमवार को बताया कि चांसलर कार्यालय का आईटी सिस्टम वायरस से इंफेक्टेड नहीं है. प्रवक्ता ने कहा, "यह इस सिलसिले में सबसे अहम बयान है." प्रवक्ता ने और कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया और कहा कि यदि जर्मन सरकार और सूचना तकनीक के लिए जिम्मेदार संघीय दफ्तर आवश्यक समझेगा तो इसकी जानकारी संबंधित संसदीय निगरानी संस्था को देगा. क्या संसदीय आयोग को कोई सूचना दी गई है, इसके बारे में बार बार पूछे जाने पर भी प्रवक्ता ने कोई जानकारी नहीं दी.

आईटी सिक्योरिटी कंपनी सिमांटेक ने नवंबर 2014 के अंत में पहली बार अत्यंत जटिल ट्रोजेन हॉर्स के बारे में रिपोर्ट दी थी. इसके अनुसार रेगिन नाम का जासूसी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का स्क्रीनशॉट ले सकता है, पासवर्ड चुरा सकता है, डाटा के आने जाने पर निगरानी रख सकता है और मिटाए गए डाटा को फिर से रिट्रीव कर सकता है. अमेरिकी न्यूज साइट 'द इंटरसेप्ट' के अनुसार रेगिन का इस्तेमाल 2008 से ही सरकारों, कंपनियों और शोध संस्थाओं के डाटा को चुराने के लिए किया जा रहा है. मुश्किल से पता चलने वाले इस ट्रोजेन हॉर्स को बनाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एनएसए और ब्रिटिश खुफिया सेवा जीसीएचक्यू भी हिस्सेदार रही हैं.

2013 में जर्मनी और दूसरे यूरोपीय देशों में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की जासूसी का पता चलने के बाद हंगामा मचा था. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल के निजी मोबाइल फोन की एनएसए द्वारा जासूसी पर चांसलर ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी थी और कुछ समय के लिए जर्मन अमेरिकी संबंधों पर भी इसका असर हुआ था. एनएसए के पूर्व एजेंट एडवर्ड स्नोडेन ने दुनिया भर में एनएसए की जासूसी का भंडाफोड़ किया था.

एमजे/आरआर (डीपीए, रॉयटर्स)

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