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खेल

चमक के साथ खत्म हुए खेल

दिल्ली के 2010 वाले विवादित कॉमनवेल्थ खेलों के चार साल बाद ग्लासगो खेल चमक के साथ पूरे हुए. बड़े सितारों ने हिस्सा लिया और खेल विवाद से दूर रहा.

पिछली बार अगर मेजबान भारत ने उलटफेर करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया था, तो इस बार मेजबान स्कॉटलैंड ने 19 स्वर्ण बटोर कर चौथा स्थान कब्जा लिया. भारत को उससे पीछे जाना पड़ा और पांचवें नंबर से संतोष करना पड़ा.

ग्लासगो में जैसे ही 4000 एथलीट जमा हुए, दिल्ली की कड़वी यादें भुला दी गईं. इस बार 71 देशों ने खेलों में हिस्सा लिया, जिनमें से 53 ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश हैं. कॉमनवेल्थ खेल संघ के प्रेसिडेंट प्रिंस टुंकू इमरान ने कहा, "ग्लासगो, तुमने हर तरह से अब तक का सबसे अच्छा खेल दिया है." खेल शुरू होते वक्त मौसम ने साथ नहीं दिया लेकिन धीरे धीरे मौसम सुहाना होता गया.

Leichtathletik WM 2013 Moskau Usain Bolt

बोल्ट फिर बने चैंपियन

कहने की जरूरत नहीं कि इस बार के खेल का सबसे बड़ा आकर्षण जमैका के यूसैन बोल्ट रहे, जिन्होंने 4X100 मीटर के रिले रेस में हिस्सा लिया और अपने देश को सोना दिलाया. बोल्ट के नाम छह ओलंपिक और आठ वर्ल्ड गेम्स के स्वर्ण पदक हैं. उन्होंने खेल के बाद कहा, "लोग अद्भुत हैं. खाना मजेदार है और यहां शानदार ऊर्जा बह रही है."

इस बार बड़ा उलटफेर करते हुए इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ दिया, जो लगातार कॉमनवेल्थ गेम्स का सिरमौर रहा है. इंग्लैंड ने 58 स्वर्ण पदक जीते, जबकि पिछले चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 49 पर संतोष करना पड़ा. तीसरे नंबर पर 32 स्वर्ण के साथ कनाडा रहा, जबकि चौथे पर 19 गोल्ड मेडल के साथ मेजबान स्कॉटलैंड. पांचवां नंबर भारत का रहा, जिसने कुल 15 स्वर्ण पदक जीते.

इंग्लैंड ने दो साल पहले ही ओलंपिक का आयोजन किया था और लंदन ओलंपिक में भी उसने शानदार कामयाबी हासिल की थी. अब लोगों की नजर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स पर होगी.

एजेए/एमजी (एएफपी)