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खेल

घुटनों का रोनाल्डो

पुर्तगाल में दो रोनाल्डो मशहूर हैं. एक अपने पैरों की कलाबाजी से मुग्ध करता है तो दूसरा उन पैरों का ऐसा इलाज करता है कि खिलाड़ी शर्तिया 100 फीसदी चंगे हो जाते हैं. इस सर्जन को अब घुटनों के रोनाल्डो कहा जाता है.

दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों के पैर में जब खतरनाक चोट लगती है तो वे पुर्तगाल का टिकट कटाने लगते हैं. वे चाहते हैं कि पुर्तगाल के तटीय शहर पोर्तो पहुंचे और डॉक्टर खोसे कार्लोस नोरोन्हा उनका इलाज करें. फुटबॉलर के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात घुटने की चोट है. घुटने के भीतर एक मांसपेशी होती है, अगर वह टूट जाए तो फुटबॉलर का करियर खत्म हो सकता है. मांसपेशी घुटने के जोड़ को अथाह सहारा देती है.

डॉक्टर नोरोन्हा इसी मर्ज के मास्टर हैं. दिसंबर 2009 में उन्हें पुर्तगाल और रियाल मैड्रिड के जबरदस्त डिफेंडर पेपे को कुछ ही महीनों में चंगा कर दिया. पेपे ऐसे फिट हुए कि छह महीने बाद हुए वर्ल्ड कप में पूरी रफ्तार से खेलने लगे. फुटबॉल जगत में पेपे के इलाज को चमत्कार कहा गया.

Fussball Spanien - Primera División

पेपे

हाथों का जादू

ऐसे ही चमत्कार की उम्मीद में कोलंबिया की राष्ट्रीय टीम के खिलाफ राडामेल फालकाओ भी डॉक्टर नोरोन्हो के सामने स्ट्रेचर पर लेटे. उन्हें 22 जनवरी को चोट लगी. वर्ल्ड कप से ठीक पांच महीने पहले लगी चोट डॉक्टर नोरोन्हो के उस्तरे की वजह से काफी हद तक ठीक हो चुकी है. उम्मीद है कि फालकाओ ब्राजील में वर्ल्ड कप का लुत्फ उठाते हुए दिखाई पड़ेंगे.

घुटनों के रोनाल्डो कहे जाने वाले नोरोन्हो इस वक्त दुनिया के उन चुनिंदा सर्जनों में हैं जो 'कीहोल' सर्जिकल रिपेयर करते हैं. इस सर्जरी से खिलाड़ी जल्द फिट होकर मैदान पर लौटते हैं. पोर्तो के त्रिनडाडे प्राइवेट अस्पताल में नोरोन्हो हर सोमवार बैठते हैं. साल में वो करीब 100 ऑपरेशन करते हैं.

एक किशोर फुटबॉलर का इलाज करते हुए एंडोस्कोपी से वे पता करते हैं कि घुटने की मांसपेशी किस तरह टूटी है. सुन्न करने का इंक्जेशन लगाने के बाद नोरोन्हो जरूरी यंत्र हाथ में लेते हैं और सुन्न घुटने पर चीरा लगाते हैं. घुटने के अंदर का हर हिस्सा मॉनिटर पर बड़े आकार में दिखाई पड़ता है. हल्के लेकिन सधे हुए हाथों से डॉक्टर घुटने की कटोरी पर चिपकी मांसपेशी के टुकड़े को काटते और हटाते हैं. इसके बाद वे उसे दुरुस्त करते हैं और फिर वहीं फिट कर देते हैं. यह सब आधे घंटे के भीतर हो जाता है.

इलाज के इस खास तरीके के बारे में डॉक्टर नोरोन्हो कहते हैं, "मुझे लगता है कि जल्द सुधार का राज प्लेसमेंट में है. इसे टूटी मांसपेशी की नींव की तरह लगाना होता है."

नाउम्मीदी में उम्मीद

नोरोन्हो 2003 में सुर्खियों में आए. उस वक्त दिग्गज पुर्तगाली खिलाड़ी केजर पेइसोटो उनके पास पहुंचे. पेइसोटो पुर्तगाली क्लब एफसी पोर्तो के लिए खेलते थे. 2003 के एक मैच को याद करते हुए पेइसोटो कहते हैं, "चैंपियंस लीग के मैच में मरसाई के खिलाफ 60वें मिनट में पड़ा वो क्रैक. 10 साल पहले उसका मलतब था गेम ओवर." डॉक्टरों ने कहा कि इसका तुरंत ऑपरेशन होना चाहिए. पेइसोटो घर लौट आए. तभी क्लब ने इलाज के लिए पोर्तो के ही डॉक्टर नोरोन्हो से संपर्क किया.

नोरोन्हो ने उनका ऐसा इलाज किया कि पेइसोटो छह महीने के भीतर फिट हो गए. इसके बाद वे 2012 तक बिना परेशानी फुटबॉल खेलते गए, "उनके बिना निश्चित तौर पर मैं बहुत पहले ही खेल को अलविदा कह देता. लोग उन्हें घुटनो का मेसी या रोनाल्डो यूं ही नहीं कहते हैं."

नोरोन्हो अब पोर्तो की टीम और मैनेजमेंट एजेंसी गेस्टीफुट के लिए काम करते हैं. घुटनों के रोनाल्डो की सेवाएं फुटबॉल का रोनाल्डो भी लेता है. नोरोन्हो इसे शोहरत नहीं मानते, उनके मुताबिक वे आज भी वही कर रहे हैं जिसके लिए उन्होंने सर्जरी की पढ़ाई की.

ओएसजे/आईबी (एएफपी)