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विज्ञान

घर बैठे खुद ही कीजिए एचआईवी टेस्ट

घर पर अकेले मसूड़ों की मालिश करके एचआईवी का पता लगाया जा सकता है. अफ्रीकी देश मलावी में अब किफायती मशीन के चलते लोग घर पर ही एचआईवी टेस्ट कर रहे हैं.

यह मशीन भी प्रेगनैंसी टेस्ट किट की तरह दिखती है. इसे डिजायन भी प्रेगनैंसी टेस्ट मशीन की तरह ही किया गया है ताकि नतीजा तेजी से पता चल सके. ऊपर और नीचे के मसूड़ों की मालिश करने के 20 मिनट बाद मशीन रिजल्ट बता देती है. टेस्ट स्टिक में अगर सी लिखा हुआ आए, तो एचआईवी नहीं है. लेकिन अगर टी लिखा आए, तो मतलब है कि खुद का टेस्ट करने वाला एचआईवी पॉजिटिव है.

टेस्ट की मशीन बनाने वाली कंपनी का दावा है कि नतीजे 90 फीसदी सटीक निकलते हैं. टेस्ट किट को अमेरिकी फूड एंड ड्रग प्रशासन ने स्वीकृत किया है. छोटे से किट की कीमत है 60 डॉलर यानि करीब 3,800 रुपये. एक अभियान के तहत यह किट मलावी में लोगों को मुफ्त दी जा रही है. ओराक्विक किट की मदद से अब तक 8,000 लोगों का परीक्षण किया जा चुका है.

अभियान सलाहकार रॉड्रिक सांबाकुंसी के मुताबिक, "बहुत सारे लोग खुद का परीक्षण कर रहे है. वह इससे काफी खुश है. स्थानीय नेताओं, चर्चों और समुदायों से भी हमें मदद मिल रही है."

एचआईवी को लेकर फैलायी गई तमाम जागरूकता के बावजूद ज्यादातर देशों में लोग एचआईवी टेस्ट करने से कतराते हैं. आम तौर पर इसका टेस्ट करने के लिए लैब या क्लिनिक में जाना पड़ता है और खून का नमूना देना पड़ता है. कई लोगों को यह डर लगता है कि कहीं एचआईवी पॉजिटिव निकलेगा, तो शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी, सामाजिक बहिष्कार होगा या उनके रिश्ते बिखर जाएंगे. यह भय एचआईवी संक्रमण को फैलाने में मदद करता है. कई बार गर्भवती महिलाओं को भी यह पता नहीं होता कि वे एचआईवी पॉजिटिव हैं. ऐसे में बच्चे भी एचआईवी से पीड़ित होते हैं और अनदेखी के चलते बीमारी फैलती जाती है.

20 लाख की आबादी वाले मलावी में 14 लाख लोग एचआईवी/एड्स से पीड़ित हैं. दो बच्चों की मां मासूजो एमोस ओराक्विक के एचआईवी किट को बेहद जरूरी मशीन मानती हैं. उनके मुताबिक, "एक महिला होने के नाते मुझे निजता चाहिए. मैंने अपना कई बार टेस्ट किया और मेरे नतीजों का पता किसी और को नहीं चला. ज्यादातर लोग नहीं चाहते कि उनके नतीजों का किसी और को पता चले. अस्पतालों में भी लोगों का नजरिया शक करने वाला होता है."

किट की सफलता के बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे एचआईवी पॉजिटिव आने पर अपने खून की जांच भी कराएं.

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