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दुनिया

घंटों उड़ी लापता फ्लाइट

मलेशिया एयरलाइंस के लापता के विमान के बारे में अमेरिका ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक लापता होने के बाद भी विमान चार-पांच घंटे उड़ता रहा. इस जानकारी से मामला और उलझ गया है.

अमेरिकी जांचकर्ताओं ने नया खुलासा करते हुए कहा है कि मलेशिया का विमान जमीन से संपर्क टूटने के बाद भी चार पांच घंटे हवा में रहा हो सकता है. अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जरनल ने ये रिपोर्ट छापी है. हवाई दुर्घटनाओं में सबसे रहस्यमयी हो चले इस मामले में ये दावा अहम सुराग साबित हो सकता है. कुआलाम्लपुर से बीजिंग के लिए उड़ी फ्लाइट एमएच370 शनिवार से लापता है.

वॉल स्ट्रीट जरनल ने अमेरिकी उड्डयन अधिकारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा है कि बोइंग 777 के इंजन से भेटे गए ऑटोमैटिक डाटा को आधार बना कर ऐसे संकेत मिलते हैं कि विमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ संपर्क टूटने के बाद भी चार पांच घंटे उड़ता रहा. बोइंग 777 का इंजन स्टैंडर्ड मॉनिटरिंग प्रोग्राम के तहत डाटा धरती पर भेजता रहता है. हालांकि इंजन बनाने वाली कंपनी रोल्स रॉयस ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है.

अगर यह सच है तो इस बात की काफी संभावना है कि 239 लोगों के साथ निकली फ्लाइट ने कम से कम ढाई हजार किलोमीटर की और यात्रा की होगी. हो सकता है कि वह हिंद महासागर में पाकिस्तान या मंगोलिया तक पहुंची हो.

नई जानकारियां सामने आने के बाद अब भारतीय जलक्षेत्र में भी विमान के मलबे की तलाश की जा रही है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने संयुक्त कमान को आदेश दिया है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों पर लापता विमान ढूंढने के लिए जहाज, विमान और हेलिकॉप्टर तैनात करें. कमांड के प्रवक्ता हरमीत सिंह के हवाले से रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने ये रिपोर्ट दी है.

इस ऑपरेशन के लिए गुरुवार शाम सेना विशेष बैठक में तय करेगी कि लापता विमान ढूंढने में दूसरे देशों के साथ कैसे तालमेल बिठाया जाए.

वहीं खोज अभियान के छठे दिन मलेशिया पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. चीन ने मलेशिया पर खोज अभियान में समन्वयन बनाने के लिए दबाव बनाया है. फ्लाइट में चीन के 153 नागरिक थे.

शनिवार को स्थानी समय के हिसाब से सुबह दो बजकर 40 मिनट पर विमान से आखिरी संकेत रडार पर आया, उस समय वह मलेशिया और वियतनाम के बीच में था. इसके बाद मलेशियाई एयर फोर्स के रडार पर उसे देखा गया, तब प्लेन मलेशिया के पश्चिमी तट पर मलक्का जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से में था.

गुरुवार को चीन ने दावा किया था कि उसने दक्षिणी चीनी सागर में मलबा ढूंढ लिया. हालांकि बाद में चीनी उड्डयन अथॉरिटी की प्रवक्ता ने कहा कि सैटेलाइट की फोटो मलेशियाई प्लेन के मलबे की नहीं हैं. विशेषज्ञों ने पुष्टि कर दी है कि समंदर में मिली तीन बड़ी चीजों का विमान से कोई लेना देना नहीं है.

एएम/ओएसजे (एएफपी, रॉयटर्स,)

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