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दुनिया

ग्राउंड जीरो के पास मस्जिद के हक में रश्दी

भारतीय मूल के विवादास्पद लेखक सलमान रश्दी ने न्यूयॉर्क में ग्राउंड जीरो के पास बनने वाली मस्जिद का समर्थन किया है. अमेरिका में इस मस्जिद का विरोध हो रहा है. विरोधियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राउंड जीरो के पास ना बने.

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रश्दी ने इसे एक बेवकूफाना तर्क बताया. न्यूयॉर्क पोस्ट अखबार के मुताबिक ब्रुकलिन पुस्तक मेले में उन्होंने कहा, "बेशक उन्हें मस्जिद बनाने की इजाजत मिलनी चाहिए." उन्होंने कहा कि मस्जिद पर सिर्फ इसलिए विवाद खड़ा करने का कोई मतलब नहीं है कि यह ग्राउंड जीरो के पास बनाई जा रही है क्योंकि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के अंदर भी एक मस्जिद थी.

सलमान रश्दी खुद इस्लामिक जगत में ज्यादा पसंद नहीं किए जाते. उनके उपन्यास सैटनिक वर्सेस के लिए तो उन्हें कत्ल करने तक के फतवे जारी हो चुके हैं. 1980 में छपा यह उपन्यास दुनियाभर में मुसलमानों के विरोध की वजह बना.

रश्दी ने कुरान जलाने के मसले पर भी बात की. हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा में एक पादरी ने कुरान जलाने का एलान किया लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया. रश्दी 11 सितंबर के हमले की बरसी पर समर्थन और विरोध में हुए प्रदर्शनों के एक दिन बाद बोल रहे थे. इन प्रदर्शनों में दोनों पक्षों की ओर से धार्मिक और सामाजिक संगठनों के लोग जमा हुए.

मुसलमानों को अमेरिका में उस जगह पर मस्जिद बनाने का संवैधानिक अधिकार हासिल है, लेकिन वहां एक बड़ा समुदाय इसे संवेदनहीन फैसला बताता है. न्यूयॉर्क में काउंसिल ऑन फॉरन रिलेशंस में बोलते हुए मस्जिद बनाने की तैयारी कर रहे इमाम फैसल अब्दुल रऊफ से जबब पूछा गया कि क्या वह अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे, तो उन्होंने कहा कि सारे विकल्प खुले हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट अखबार के मुताबिक राउफ ने कहा, "हमारे सलाहकार हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं. मैं एक ऐसी जगह चाहता हूं जहां उदारवादियों की बात सुनी जा सके. हमें एक जगह चाहिए जहां से आधुनिक मुसलमानों की आवाज उठाई जा सके. यह एक मौका है जिसमें हमें जरूर भुनाना चाहिए."

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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