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खेल

गोल से गोलियों तक का सफर

एक प्रतिभाशाली जर्मन फुटबॉलर सीरिया में मारा गया है. जांच में पता चला है कि कभी जर्मनी के अच्छे युवा फुटबॉलरों में गिना जाने वाला वह लड़का सीरिया में जिहादी बन चुका था. जर्मनी ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

बुराक करान जर्मनी की तरफ से अंडर-16 और अंडर-17 खेल चुका था. जर्मनी की मौजूदा टीम के स्टार सामी खदीरा और केविन प्रिंस बोएटिंग जैसे खिलाड़ियों के साथ खेल चुके करान को कभी भविष्य का फुटबॉल सितारा भी कहा जाने लगा था. वह जर्मन फुटबॉल लीग बुंडेसलीगा टू में खेलता था, लेकिन पिछले महीने खबर आई कि वो सीरिया में एक हवाई हमले में मारा गया है.

जर्मन अखबार बिल्ड त्साइटुंग से बातचीत में मृतक के भाई मुस्तफा करान ने कहा कि, करान ने 2008 में 20 साल की उम्र में फुटबॉल खेलना छोड़ दिया. 2011 में सीरिया में गृह युद्ध शुरू हुआ तो उसने सीरियाई विद्रोहियों की मदद के लिए पैसा जुटाना शुरू कर दिया. इस फंड से विद्रोहियों के लिए दवाएं और मेडिकल का सामान जुटाया जाने लगा. मुस्तफा के मुताबिक, "लेकिन जब सप्लाई वहां तक नहीं पहुंची तो उसने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ तुर्की की सीमा के पास एक वितरण को दुरुस्त करने का फैसला किया और वो वहां चला गया."

जाते समय वह यही कहकर गया कि वो "लड़ना नहीं चाहता है." लेकिन उसके भीतर एक कट्टर जिहादी पनप रहा था. एक और अखबार फोकस से बात करते हुए उसकी बहन जुहाल ने कहा, "बुराक सिर्फ जिहाद और युद्ध जैसी अजीब सी चीजों के बारे में ही बात करता रहता था." यूट्यूब पर बुराक का एक वीडियो भी है, जिसमें उसे हाथ में कलाश्निकोव गन है. बुराक की लड़ाई ज्यादा लंबी नहीं चली. अक्टूबर में सीरिया में वह एक हवाई हमले में मारा गया.

ऐसी खबरें पहले भी आ चुकी हैं कि विदेशों में जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटिश नागरिकता वाले कई युवा जिहादी के तौर पर लड़ रहे हैं. सीरिया के साथ ही केन्या ने भी आरोप लगाए हैं कि उसके यहां विदेशी चरमपंथी अस्थिरता फैला रहे हैं.

बिल्ड की रिपोर्ट के बाद जर्मनी के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, "हम इस मामले की जांच करेंगे लेकिन फिलहाल इस वक्त इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है."

ओएसजे/एनआर(एएफपी)

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