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खेल

गोल्फ में चमके शिव कपूर

ब्रिटिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के लीडर बोर्ड में दूसरे नामों के बीच एक भारतीय नाम दूर से ही दिख जाता है, और ये नाम है शिव कपूर.

शिव कपूर खुद कहते हैं, "मशहूर बड़े विजेताओं के बीच में एक फनी नाम आ जाता है." गोल्फ की दुनिया में उनकी रैंकिंग 210वीं है. निचले क्रम के खिलाड़ी शिव कपूर ने 68 शॉट्स के बाद जरूरत से तीन शॉट कम ही में अपना लक्ष्य पा लिया. जबकि जाख जॉन्सन ने इसके लिए दो ही शॉट्स इस्तेमाल किए. 

कपूर ने पहले सात में से छह छेदों में इतने कम समय में गेंदें पहुंचाई कि दूसरे खिलाड़ी कहने लगे ऐसा दूसरी बार खेला ही नहीं जा सकता. 

उनके लिए गेंद रोकने का एक ही तरीका है उसे छेद में डाल दो. कपूर ने कहा, "शायद मेरी अब तक की जिंदगी में खेले सबसे तेज ग्रीन्स थे. मैं गेंद रोक ही नहीं पा रहा था. तो मैं जानता तो था कि गेंद निशाने पर डालना मुश्किल होगा. लेकिन खुद को मौका तो देते रहना चाहिए और पहले नौ में गेंदें पुट्स में गिरती चली गईं."

अपने शानदार शॉट्स की वजह से वह ब्रिटिश ओपन के टॉप की ओर बढ़ गए. कपूर कहते हैं,  "मैं वहां थोड़ा खोया हुआ हुआ था. "

कपूर नई दिल्ली के शेयर दलाल के लड़के हैं. उन्हें इकलौती जीत 2005 में मिली थी जब उन्होंने बैंकॉक में वॉल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया जीता. 

इस जीत के कारण उन्हें यूरोपीय टूर का कार्ड तो मिल गया लेकिन 2005 से 2012 के बीच उन्होंने 188 इवेंट में 89 बार कट मिस कर दिया. वह अब एशिया टूर वाली राह पर फिर से चल पड़े हैं और गगनजीत भुल्लर, अनिर्बन लाहिड़ी और जीव मिल्खा सिंह के बाद चौथी रैंक के भारतीय हैं.

2010 में अर्जुन अटवाल पीजीए टूर जीतने वाला पहले भारतीय बने. उन्होंने विंडहैम चैंपियनशिप जीती थी. 31 साल के कपूर के लिए लाइमलाइट में आने का यह अच्छा मौका है क्योंकि उन्होंने सबसे अच्छे नाइन होल्स खेले हैं. उनके मुताबिक,  "यह शुरुआती दिन हैं लेकिन मुझे लगता है कि भारत को अभी इसकी जरूरत है. क्योंकि वहां गोल्फ बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अगर आपके पास कोई है और आप मेजर में अच्छा करते हैं तो युवा खिलाड़ियों को विश्वास हो जाता है कि अगर वो कर सकते हैं तो मैं भी कर सकता हूं. मुझे लगता है कि कोई भी इन युवाओं का आदर्श निश्चित ही बनना चाहेगा."

अपने खेल के बारे में वह कहते हैं कि "अगर आपके शुक्रवार को तीन में से तीन शॉट लग जाएं तो अच्छा ही है. बहुत सारे विचार चलते रहते हैं. मैंने कई ऐसे भी टूर्नामेंट खेले हैं जहां आपकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता. इसलिए जब लोग ध्यान देते हैं तो अच्छा लगता है."

फिलहाल शिव कपूर अमेरिका के जाख जॉन्सन से दो शॉट्स से पीछे हैं. टाइगर वुड्स, फिल मिकेल्सन, बुबा वॉटसन, एडम स्कॉट और रॉरी मैकलोरी को वे कभी का पीछे छोड़ चुके हैं. "मैं तो सपनों की दुनिया में ही चला गया था जब मैंने पहले तीन शॉट्स एक के बाद एक सफलता से लगा दिए. ये मेरे करियर के सबसे तेज शॉट थे."

एएम/एनआर(डीपीए एएफपी)

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