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दुनिया

गैंगरेप के आरोपी ने फांसी लगाई

दिल्ली गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की मौत हुई. सोमवार सुबह पांच बजे राम सिंह का शव फांसी पर लटका मिला. अधिकारियों के मुताबिक उसने अपने कपड़ों से फांसी लगाई. राम सिंह के पिता ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.

तिहाड़ की तीन नंबर जेल में बंद राम सिंह को फांसी पर लटका देखते ही जेल अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई. राम सिंह को तुरंत दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सिंह कमरे में अकेला नहीं था. वहां दूसरे कैदी भी थे और गार्ड भी था, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला. करीब सुबह पांच बजे वह लटका हुआ मिला."

तिहाड़ के लॉ अफसर सुनील गुप्ता के मुताबिक, "उसने अपने सभी कपड़े बांधे, छत के करीब लगी ग्रिल और लकड़ी के स्टूल का इस्तेमाल करते हुए खुद को टांग लिया."

सोमवार को ही राम सिंह को सुनवाई के लिए साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश होना था. हर दिन होने वाली सुनवाई की वजह से तिहाड़ में बंद बलात्कार कांड के पांच आरोपी रोज पांच साढ़े पांच बजे जग जाया करते थे.

जेल प्रशासन पर आरोप

तीन अन्य कैदियों के साथ बंद राम सिंह के वकील का कहना है कि जब वह शुक्रवार को उससे मिले तब वह शांत था और उसने कभी आत्महत्या जैसे कोई संकेत नहीं दिए. पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है. सिंह के परिवार ने भी राम सिंह की हत्या होने का संदेह जताया है. वकील के मुताबिक राम सिंह के साथ जेल में मारपीट भी हुई.

राम सिंह के पिता मांगेलाल सिंह ने जेल प्रशासन पर और गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका आरोप है कि राम सिंह के साथ जेल में दूसरे कैदियों ने दुष्कर्म किया. उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं. डराते धमकाते भी रहे. मांगेलाल चार दिन पहले ही राम सिंह से मिले थे. पिता के मुताबिक मुलाकात के दौरान उन्हें भी आत्मघाती मानसिकता के संकेत नहीं मिले. सोमवार को मांगेलाल सिंह ने कहा, "उसने आत्महत्या नहीं की. उसकी हत्या हुई है फिर उसे टांगा गया."

बलात्कार कांड में शामिल राम सिंह का भाई भी तिहाड़ जेल में है. मांगेलाल को अब अपने दूसरे बेटे की सुरक्षा की चिंता हो हो रही है. एक जेल अधिकारी के मुताबिक बलात्कार के आरोपियों को अलग अलग कमरों में रखा गया है.

जांच के आदेश

इतने संवेदनशील मामले के आरोपी की आत्महत्या ने तिहाड़ जेल में कैदियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गए है.

बलात्कार का शिकार हुई छात्रा के पिता ने भी जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, "हम यह समझ पाने में नाकाम है कि पुलिस राम सिंह को सुरक्षित क्यों नहीं रख सकी. वे जानते थे कि वह मेरी बेटी के मुकदमे में मुख्य आरोपी है."

दिल्ली में 16 दिसंबर की रात एक चलती बस में 23 साल की छात्रा से सामूहिक बलात्कार हुआ. बलात्कार के बाद छात्रा के साथ अमानवीय बर्ताव किया गया. उसे बुरी तरह पीटा गया. करीब दो हफ्ते बाद सिंगापुर के अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई. पुलिस ने बलात्कार के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक नाबालिग है, उसके खिलाफ नाबालिग जस्टिस बोर्ड में सुनवाई चल रही है.

ओएसजे/एमजे (एएफपी, पीटीआई)

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