गूगल ने मोटोरोला मोबाइल बेचा | विज्ञान | DW | 30.01.2014
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विज्ञान

गूगल ने मोटोरोला मोबाइल बेचा

गूगल ने मोटोरोला की मोबाइल इकाई चीनी कंपनी लेनोवो को 2.9 अरब डॉलर में बेचने का फैसला किया है. लेनोवो कंप्यूटर उद्योग से अब स्मार्टफोन बाजार में विस्तार की राह पर है.

गूगल ने मोटोरोला को 2012 में 12.4 अरब डॉलर में खरीदा था. यह गूगल के 15 साल के इतिहास में सबसे बड़ा सौदा था. 22 महीने की साझेदारी के बाद अब कंपनी ने इसे चीन की मशहूर निजी कंप्यूटर कंपनी लेनोवो को बेच दिया है. कंपनी ने घोषणा की कि वह मोटोरोला के करीब 20,000 में से ज्यादातर पेटेंट अपने पास रखेगी. इसमें एंड्रॉयड का पेटेंट भी शामिल है जो कि गूगल अपने स्मार्टफोन और टैबलेट कंप्यूटर में बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहा है.

लेनोवो ग्रुप इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की तैयारी में है. दुनिया भर में कंप्यूटर की सबसे बड़ी कंपनियों में एक मानी जाने वाली लेनोवो अब स्मार्टफोन बाजार में पैर जमाने जा रही है. बाजार में उन्होंने विश्वसनीय स्थान हासिल किया हुआ है. ऐसे में लैपटॉप या डेस्कटॉप के अलावा अगर स्मार्टफोन पर भी वही विश्वसनीयता लोगों को दी जा सके तो कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

लेनोवो के स्मार्टफोन खुद अपने देश चीन में पहले से ही बाजार में बड़ा नाम हैं, लेकिन कंपनी दूसरे बाजार खास कर अमेरिका में जगह बनाने के रास्ते तलाश रही है. लेनोवो के सीईओ यांग युआनकिंग ने कहा, "हम स्मार्टफोन के उभरते हुए बाजार से लेकर दुनिया भर के बाजार में विस्तार करना चाहते हैं."

Motorola Handy Moto X

गूगल ने मोटोरोला मोबाइल को 2012 में 12.4 अरब डॉलर में खरीदा था.

गूगल को फायदा या नुकसान?

गूगल द्वारा मोटोरोला को दो साल से भी कम समय में बेचा जाना इशारा करता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छी डील नहीं साबित हुई. इससे पहले गूगल ने मोटोरोला के सेट टॉप ऑपरेशन एरिस ग्रुप को 2.35 अरब डॉलर में बेचे थे. गूगल ने मोटोरोला स्मार्टफोन की बाजार में खराब स्थिति के बावजूद भी उसके 20,000 के करीब पेटेंट हासिल करने के मकसद से खरीदा था. जिस समय गूगल ने इसे खरीदा मोटोरोला पेटेंट की कीमत 5.5 अरब डॉलर थी. अब लेनोवो के साथ करार में भी उसने ज्यादातर पेटेंट अपने पास सुरक्षित रखे हैं.

यह लेनोवो की इस महीने दूसरी बड़ी डील है. इससे पहले पिछले हफ्ते कंपनी ने कंप्यूटर कंपनी आईबीएम का बड़ा हिस्सा 2.3 अरब डॉलर में खरीदने की योजना का एलान किया था. गूगल को एरिस और लेनोवो से सौदे के बाद भी अभी भी उस रकम से 1.65 अरब डॉलर कम मिल रहे हैं जो उसने मोटोरोला स्मार्टफोन खरीदने में खर्च की थी. इनमें से गूगल के पास जो पेटेंट रह जाते हैं उनकी कीमत के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है.

एसएफ/एजेए (एपी)

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