1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

विज्ञान

गूगल अब टॉयलेट की लोकेशन भी बताएगा

अनजानी जगहों पर टॉयलेट खोजना बड़ी चुनौती होती है. भारत में गूगल की मदद से जल्द ही साफ टॉयलेट का पता लगाया जा सकेगा.

तेज प्रेशर बनने के बाद टॉयलेट का न मिलना, हर व्यक्ति कभी न कभी इस अनुभव से गुजर चुका है. लेकिन भारत में यह चुनौती कहीं ज्यादा गंभीर हो जाती है. अक्सर जो टॉयलेट मिलते हैं वो इतने गंदे होते हैं ही कि वहां घुसते ही जी मचलने लगता है. महिलाओं के लिए तो वहां जाना बीमारी को न्योता देने जैसा होता है. उन्हें इंफेक्शन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है. यही वजह है कि साफ टॉयलेटों के अभाव में लोग अक्सर खुले में ही हल्के हो लेते हैं और बाद में इन जगहों से संक्रामक बीमारियां फैलती हैं.

इस समस्या से निपटने के लिए शहरी विकास मंत्रालय इंटरनेट दिग्गज गूगल से साझेदारी कर रहा है. इस साझेदारी के चलते लोग, स्मार्टफोन पर अपने आस पास मौजूद साफ टॉयलेट का पता कर सकेंगे. तकनीक गूगल मैप्स के जरिये काम करेगी. गूगल मैप्स में "toilet," "lavatory" या "स्वच्छ" व "सुलभ" टाइप करते ही मैप आस पास मौजूद टॉयलेटों की लोकेशन दिखाएगा.

(ऐसा होगा हमारा गूगल फ्यूचर)

मैप मॉल, अस्पतालों और पेट्रोल पंपों में मौजूद टॉयलेट भी दिखाएगा. मंत्रालय और गूगल को आम लोगों यानि यूजर्स के सहयोग की भी जरूरत है. दोनों चाहते हैं कि लोग नतीजों के बारे में अपने सुझाव दें. मसलन टॉयलेट कितना साफ था या फिर कहीं वह बंद तो नहीं था.

उम्मीद है कि नवंबर अंत तक यह पालयट प्रोजेक्ट दिल्ली में शुरू हो जाएगा. शहरी विकास मंत्रालय को उम्मीद है कि दूसरे शहरों के लोग भी अपने यहां मौजूद टॉयलेटों की जानकारी देंगे ताकि योजना का प्रसार हो सके.

इंटरनेट दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी गूगल साफ कर चुकी है कि वह भारत पर फोकस करेगी. गूगल फिलहाल भारत के 19 रेलवे स्टेशनों में मुफ्त वाईफाई सुविधा दे रहा है. 2016 के अंत तक कंपनी 100 रेलवे स्टेशनों में वाईफाई सर्विस देना चाहती है. गूगल को लोगों का डाटा चाहिए और लोगों को सुविधाएं. भारत में डाटा सिक्योरिटी को लेकर लोग काफी लचीले हैं, लिहाजा दिग्गज इंटरनेट कंपनियां देश को एक चमकीले तारे की तरह देख रही हैं.

(ऐप दुनिया के टॉप 10 डाउनलोड)

 

 

DW.COM