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OLD - जर्मन चुनाव

गुलाबी नेता, गुलाबी भविष्य

जर्मन शहर बुएकेबुर्ग के बारे में जर्मनी में ही ज्यादातर लोगों ने नहीं सुना. जिनको इस के बारे में पता है, वह जानते हैं कि यहां एक पुराना महल है. इस छोटे से शहर और आसपास के इलाके में चुनाव प्रचार की रिपोर्टिंग कुछ अलग रही.

बॉन से बुएकेबुर्ग के सफर की शुरुआत कुछ अजीब सी होती है. रेल की टिकट इंटरनेट पर बुक करने की कोशिश के दौरान पता चलता है कि बुएकेबुर्ग तक कोई भी सीधी ट्रेन नहीं है. बॉन से ट्रेन जाती है मिंडन, जो मध्य जर्मन शहर हानोवर के पास है. मिंडन पहुंचकर पता चलता है कि बुएकेबुर्ग साधारण शहर नहीं, एक बड़ा इलाका है. होटल और टाउन हॉल के बीच पांच किलोमीटर का फासला है. इस फासले में खेत ही खेत हैं.

शिकारी, खेत, किसान

होटल के नाम का अगर हिन्दी में अनुवाद किया जाए तो वह है चरवाहा घर. होटल में रिपोर्टर शायद कम आते हैं, क्योंकि लॉबी में शिकारियों की टीम आई है जो पास के टॉयटोबुर्गर जंगल में हिरन का शिकार करना चाहती है. यहां के लोग ज्यादातर किसान हैं. होटल भी एक खेत के बीच है.

बुएकबुर्ग में अगले दिन सुबह सोशलिस्ट पार्टी एसपीडी ने चुनाव रैली का आयोजन किया है. होटल से बुएकेबुर्ग टाउन हॉल के लिए टैक्सी लेने पर पता चला कि शहर में केवल एक टैक्सी है और यह टैक्सी एक महिला चलाती हैं.

तंबू, गुलाब और कॉफी

टाउन हॉल के सामने एसपीडी ने अपने तंबू लगाए हैं. जर्मनी में गर्मियां खत्म हो गईं हैं और पतझड़ के मौसम में अकसर बारिश और तेजी से गिरते तापमान का सामना करना पड़ता है.

बारिश और ठंड से समर्थकों को कुछ राहत मिली है. एसपीडी के नेताओं और यहां के सांसद सेबास्टियान एडाथी ने लोगों के लिए मुफ्त कॉफी का इंतजाम किया है. भीड़ में एडाथी का वफादार कुत्ता फेलिक्स भी है जो लोगों के कभी पैर सूंघता है या कभी दूर किसी अनजान चीज को देखकर भीड़ के बीच से भागने लगता है.

कभी हरा, कभी लाल

चुनाव प्रचार के लिए लोअर सैक्सनी राज्य के मुख्यमंत्री श्टेफान वाइल भी आए हैं. एसपीडी पार्टी इस बार ग्रीन पार्टी के साथ गठबंधन बनाना चाहता है लेकिन शिक्षा और बच्चों की परवरिश के सिलसिले में कानूनों से असंतुष्ट एक संगठन के सदस्यों ने पोस्टर लगाए हैं,“झूठ की रंगीन टांगे, कभी हरी, कभी लाल." लाल एसपीडी का रंग है और हरा ग्रीन्स का.

हालांकि मुख्यमंत्री इस पोस्टर का बुरा नहीं मानते. शक की निगाह से देख रहे प्रदर्शनकारियों को कॉफी पिलाई जाती है और एसपीडी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री हर एक व्यक्ति को एक एक गुलाब देते हैं.

मुख्यमंत्री और सांसद

श्टेफान वाइल अपनी ही पार्टी के सांसद सेबास्टियान एडाथी की मदद करने आए हैं. उनके आने से एडाथी का भी खासा प्रचार होगा. बुएकेबुर्ग की अखबार के दफ्तर में मुख्यमंत्री वाइल और एडाथी पत्रकारों से बात करते हैं. फिर मेन रोड पर आकर दोबारा लोगों से मिलते हैं. एक बूढ़ी महिला मुख्यमंत्री से गुलाब लेती है और अपनी शिकायतें जाहिर करती है.

एडाथी के पिता केरल के हैं. संपूर्ण जर्मन मूल के मुख्यमंत्री यह भी दिखाना चाह रहे हैं कि एडाथी का समर्थन कर के वह प्रवासियों के भी हक में हैं. एडाथी ने वैसे भी नवनाजी संगठन एनएसयू की जांच आयोग की अगुवाई की है. बर्लिन में संसद में उनका बड़ा नाम है. वाइल भी अपने और अपनी पार्टी के लिए इस तथ्य का पूरा इस्तेमाल करना चाहते हैं. पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कैसा प्रदर्शन करेगी, इस पर कई सवाल हैं, लेकिन इस इलाके में एसपीडी के नेता एडाथी और वाइल ने अपने पैर जमा लिए हैं.

रिपोर्टः मानसी गोपालकृष्णन

संपादनः निखिल रंजन

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