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दुनिया

गुलाबी ट्रेन के बाद अब लेडीज बस

मलेशिया की महिलाओं को खास पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सफर सकून दे रहा है. नतीजा गुलाबी ट्रेन के बाद अब उनके लिए महिला बस भी शुरु कर दी गई है. पुरुषों की ताकझांक और छेड़छाड़ से उन्हें मुक्ति मिल गई है.

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भीड़ भरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में साथ यात्रा कर रहे पुरुषों की अवांछित हरकतें दुनिया के सारे देशों में महिलाओं को परेशान करती हैं. हाल ही में मलेशिया की सरकार ने इसका हल उनके लिए खास गुलाबी ट्रेन चलाकर निकाला. अब इस ट्रेन की सफलता और महिलाओं की सुविधा देखते हुए उनके लिए बस सेवा भी शुरू की गई है. बुधवार को इस तरह के पहले बस ने सफर शुरू किया.

Malaysia Abgeordnetenwatch Frauen Menschen in Malaysia

मुस्लिम बहुल देश मलेशिया में महिलाओं के लिए अलग पब्लिक ट्रांसपोर्ट उन्हें खूब भा रहा है. सरकारी बस कंपनी रैपिडकेएल ने राजधानी कुआलालंपुर में सात रूटों पर ये खास बस सेवा शुरू की है. बसों के आने जाने का वक्त उस समय रखा गया है जब लोगों की भीड़ ज्यादा होती है वो समय जो दफ्तर और स्कूल कॉलेजों का होता है.

रैपिडकेएल के सीओओ मोहम्मद हुसैन ने बताया, "हमें महिला यात्रियों से मिली फीडबैक के आधार पर नई सेवा शुरू की गई है. महिलाओं को व्यस्त समय में कहीं आने जाने में बहुत दिक्कत होती है." मोहम्मद हुसैन ने इस बारे में नहीं बताया कि क्या उन्हें यौन शोषण जैसी कोई शिकायत भी मिली है. बस में सफर करने वाली 63 साल की पूवन कौर कहती हैं, "मैं सुरक्षित महसूस करती हूं क्योंकि मैं अपनी उम्र के लोगों को छोड़ दूं तो पुरुषों पर मुझे यकीन नहीं आता. व्यस्त समय में तो जगह पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है."

इसी साल अप्रैल में मलेशियाई रेल ने गुलाबी ट्रेन के रूप में खास महिलाओं के लिए अलग रेल सेवा शुरू की थी. मलेशिया के उत्तरी टेरेंग्गानु राज्य की सरकार का कहना है कि वो महिलाओं के लिए अलग पिकनिक की जगह बनाने पर काम कर रही है.

एक बड़े झरने के पास बनने वाले मौज मस्ती की ये जगह खास तौर से मध्य पूर्व देशों की महिलाओं को छुट्टी मनाने के लिए लुभाएगी. एक और उत्तरी राज्य केलैंटन ने तो दुकानों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग कतार बनाने का कानून बना दिया है. हालांकि इस कानून का बहुत सख्ती से पालन नहीं कराया जाता.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ए जमाल

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