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दुनिया

गुर्जरों को आरक्षण नहीं मिल सकताः हाई कोर्ट

सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जरों की मुहिम को झटका लगा है. राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा है कि गुर्जर समुदाय को सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण नहीं दिया जा सकता है.

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जस्टिस अरुण मिश्रा और महेश भगवती की डिविजन बेंच ने कहा कि गुर्जरों को विशेष कोटा नहीं दिया जा सकता और 2008 के कानून में ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे आरक्षण को उचित ठहराया जा सके. इसलिए अदालत ने कहा कि सरकार की तरफ से आरक्षण देने की कोशिश पर अमल नहीं किया जा सकता.

अदालत ने सरकार को भी यह निर्देश दिया है कि वह एक साल के भीतर गुर्जर, रैकस, रायबारी और गड़िया लोहार समुदायों का पिछड़ापन तय करे. इस बारे में जानकारी जुटाई जाए कि उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरी के क्षेत्रों में कितना प्रतिनिधित्व मिला है. गुर्जर पिछले दो साल साल से सरकारी नौकरियों में आरक्षण समेत अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं. राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने कहा कि वह इस बारे में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत को राजी है. इससे पहले हाई कोर्ट ने कोटा पर रोक लगा दी क्योंकि यह 50 प्रतिशत की सीमा को भी पार कर रहा था.
उधर अपने आंदोलन को तेज करने की धमकी देते हुए गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने मंगलवार को कहा, "जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम रुकने वाले नहीं हैं." गुर्जरों के आंदोलन के कारण राजस्थान के भरतपुर जिले में रेल और सड़क यातायात में बाधा आई.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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