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दुनिया

गुआंतानामो कैदी पर सिर्फ साजिश का आरोप साबित

गुआंतानामो बे पर स्थित विवादास्पद अमेरिकी जेल के एक बंदी के खिलाफ पहले सिविल मुकदमे में जूरी ने अभियुक्त पर लगे लगभग सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन उसे फिर भी कम से कम 20 साल की कैद काटनी होगी.

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पांच दिनों के परामर्श के बाद जूरी ने तंजानिया के अहमद खलफान गैलानी को सिर्फ अमेरिकी संपत्ति को नष्ट करने की साजिश का दोषी पाया. जूरी ने 36 वर्षीय गैलानी को अन्य 280 मामलों में बरी कर दिया जिनमें 1998 में केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावासों पर अल कायदा हमलों के सिलसिले में 276 मामलों में हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप भी थे.

साजिश के मामले में दोषी पाए जाने के बाद गैलानी को कम से कम 20 साल की कैद की सजा दिए जाने की आशंका है. अपराध के लिए उच्चतम सजा आजीवन कारावास है.

अमेरिकी कानून मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने जूरी के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है. लेकिन इसे राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए विफलता समझा जा रहा है जो गुआंतानामो के बंदियों पर उनके अपराधों के मुताबिक या तो सिविल या सैनिक अदालतों में मुकदमा चलाना चाहते हैं.

विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ने आतंकवाद के संदेह में बंद लोगों पर सैनिक अदालत में मुकदमा चलाने की मांग की है. वहां खुफिया एजेंसी सीआईए से पूछताछ में दिए गए विवादास्पद बयानों को भी सिविल अदालतों के विपरीत आम तौर पर सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है.

जूरी के फैसले की कठोर आलोचना करते हुए रिपब्लिकन पार्टी सांसद पीटर किंग ने कहा है, "यह त्रासद फैसला अल कायदा आतंकवादियों पर सिविल अदालत में मुकदमा चलाने के ओबामा प्रशासन के पूरे पागलपन को दिखाता है." पीटर किंग जनवरी से प्रतिनिधिसभा में आंतरिक सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष बनेंगे.

पीटर किंग ने कहा कि वे गुआंतानामो से और संदिग्धों को अमेरिका लाने से रोकने के लिए सबकुछ करेंगे. राष्ट्रपति ओबामा ने क्यूबा पर स्थित अमेरिकी सैनिक अड्डे के विवादास्पद जेल को बंद करने की घोषणा की है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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